जागरण संवाददाता, रामपुर : सांसद आजम खां और उनके बेटे विधायक अब्दुल्ला आजम के खिलाफ पूर्व मंत्री नवेद मियां द्वारा दर्ज कराए गए परिवाद पर अदालत में बहस पूरी हो चुकी है।

पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां नवेद मियां ने करीब छह माह पहले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में सांसद और उनके बेटे के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया था। परिवाद में आरोप है कि विधानसभा चुनाव में आजम खां ने स्वार-टांडा विधानसभा सीट से अपने बेटे को चुनाव लड़ाया था। आरोप है कि झूठा शपथ पत्र दिया। पैन कार्ड और बैंक अभिलेख समेत फर्जी दस्तावेज तैयार कराए। अदालत ने परिवाद दर्ज कर इस पर सुनवाई शुरू कर दी।

मंगलवार को भी सुनवाई हुई। नवेद मियां के अधिवक्ता संदीप सक्सेना ने बताया कि परिवाद पर दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है। अब फैसला आना बाकी है। इसके लिए 25 अक्टूबर लगी है। इस तारीख पर निर्णय हो सकता है। नवेद मियां हार गए थे चुनाव स्वार विधानसभा क्षेत्र से नवेद मियां लगातार चार बार विधायक रहे। बसपा की सरकार में वह मंत्री भी बने थे। यह सीट उनका गढ़ मानी जाती थी। पिछले विधानसभा चुनाव में सांसद आजम खां ने अपने इसी सीट से अपने बेटे अब्दुल्ला को राजनीति में उतारा। अब्दुल्ला पहली बार में चुनाव जीत गए, जबकि नवेद मियां को हार का मुंह देखना पड़ा था।

हालांकि तब भी अब्दुल्ला के नामांकन को लेकर नवेद मियां ने आपत्ति की थी। उनकी आपत्ति उम्र को लेकर की गई थी, जिसकी जांच भी हुई थी। हालांकि बाद में आरओ ने अब्दुल्ला के नामांकन को वैध मान लिया था। नवेद मियां इस मामले को लेकर हाईकोर्ट पहुंचे। अभी मामला कोर्ट में लंबित है।

Posted By: Jagran

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