जागरण संवाददाता, मिलक : डेंगू आशंकित एक और व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने गांव में कैंप लगाकर डेंगू आशंकित सौ व्यक्तियों की स्लाइडें बनाईं तथा दवाइयां बांटी। इससे पूर्व सोमवार को गांव में डेंगू आशंकित भूपराम मौर्य की मौत हो गई थी।

रठौंडा गांव में दर्जनभर से अधिक लोगों को बुखार आ रहा है। बुखार पीड़ितों का कहना है कि खून की जांच में उन्हें डेंगू आशंकित पाया गया। सभी पीड़ित प्राइवेट चिकित्सक के यहां अपना इलाज करा रहे हैं। मंगलवार को गांव निवासी 62 वर्षीय दौलतराम सागर की हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें बरेली लेकर जा रहे थे। इलाज को ले जाने से पूर्व ही उनकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि उन्हें 20 दिन से बुखार आ रहा था। खून की जांच कराई गई, जिसमें डेंगू की पुष्टि हुई थी। इलाज के बाद भी उनकी जान नहीं बच सकी।

वहीं गांव में डेंगू से पीड़ित सोमवती मौर्य, वीरेश चंद्र शर्मा, करण सिंह सागर, राकेश सागर और रमेश श्रीवास्तव का प्राइवेट चिकित्सकों के यहां इलाज चल रहा है। इससे पूर्व गांव में सोमवार को डेंगू आशंकित भूपराम मौर्य की मौत हो गई थी।

गांव में लगातार दो दिन के अंदर दो व्यक्तियों की बुखार से मौत होने से गांव में हड़कंप मच गया है जो व्यक्ति बुखार से भी पीड़ित हैं वे डेंगू के भय के कारण परेशान हैं।

सोमवार को भूपराम मौर्य की डेंगू से मौत की खबर प्रकाशित होने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से मंगलवार को गांव में कैंप लगाया। कैंप में बुखार पीड़ित सौ व्यक्तियों की स्लाइड्स बनाई गईं। उन्हें निश्शुल्क दवाइयां बांटी। पीएचसी रजपुरा के प्रभारी डॉ. मोहित रस्तोगी ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम को गांव भेजा गया। बुखार पीड़ितों की स्लाइडें बनाई गई हैं। उन्हें जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है। जिन व्यक्तियों को बुखार आ रहा है उन्हें दवाइयां वितरित की जा रही हैं।

ग्राम प्रधान से गांव में मच्छर मारने की दवा का छिड़काव कराने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अशोकपुर गांव में 30 बुखार पीड़ितों की स्लाइडें बनाई और उन्हें दवाइयां दीं।

Posted By: Jagran

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