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हर महीने 25 मौतें! रामपुर हाईवे के डरावने आंकड़ों को बदलने उतरी पुलिस; 3 थानों में बनी स्पेशल 'CCT'

Published: Mon, 16 Mar 2026 08:00 AM (IST)

रामपुर में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर सड़क हादसों को कम करने के लिए क्रिटिकल कॉरिडोर टीमें (CCT) गठित की गई हैं। ...और पढ़ें

प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

HighLights

  1. जिले से होकर गुजर रहे दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर पड़ते हैं तीन थाने

  2. प्रत्येक थाने में बनी टीम में एक उप निरीक्षक और चार आरक्षी शामिल

भास्कर सिंह, रामपुर। हर साल सड़क हादसों में सैकड़ों लोगों की जान चली जाती है। इन हादसों में कमी लाने के लिए सरकार गंभीर है। हाईवे से सटे थानों पर क्रिटिकल कारिडोर टीम (सीसीटी) गठित करने के निर्देश सभी जिलों को दिए गए हैं। इन निर्देश पर अमल शुरू हो गया है। जिले से होकर गुजर रहे दिल्ली-लखनऊ हाईवे से सटे तीन थानों पर यह टीम गठित कर दी है। इनमें सिविल लाइंस, शहजादनगर और मिलक थाना शामिल है।

प्रत्येक थाने में पांच पुलिसकर्मियों की टीम बनाई गई है, जिसमें एक उप निरीक्षक और चार आरक्षी शामिल किए गए हैं। इस टीम का कार्य सड़क हादसाें को रोकना, हादसा होने पर त्वरित सक्रियता दिखाते हुए घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना, राहत और बचाव कार्य करना होगा। इसके बाद हादसे की वजह का पता लगाकर उसकी रोकथाम के उपाय करने की जिम्मेदारी भी टीम की होगी।

हादसे में गंभीर घायलों के लिए पहला एक घंटा अहम

सड़क हादसों में गंभीर गंभीर घायलो के लिए पहला एक घंटा गोल्डन आवर कहलताता है। यह समय घायल की जान बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इस दौरान सही प्राथमिक उपचार और चिकित्सा सहायता मिलने से उसके बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

इस दौरान समय पर अस्पताल पहुंचने और सही उपचार मिलने से 50 फीसद से अधिक मौतों को टाला जा सकता है। थाना स्तर पर बनी क्रिटिकल कारिडोर टीम की यह भी जिम्मेदारी होगी कि वह घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को शीघ्र अस्पताल पहुंचाकर इलाज कराएगी। इसके बाद घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे के कारणों का पता लगाएगी और उन्हें दूर कराने का प्रयास करेगी।

यहां हाईवे पर ऐसे कई अवैध कट हैं, जहां हादसे होते हैं। टीम इन अवैध कट की भी जानकारी करेगी। टीम हाईवे पर अपने-अपने क्षेत्र के ब्लैक प्वाइंट और अवैध कट के आसपास पेट्रोलिंग करेगी।

प्रत्येक माह हादसे में जा रही 25 लोगों की जान

जिले में फोरलेन हाईवे और बाईपास से जहां शहरों की दूरी कम हुई है, वहीं वाहनों की रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी से हादसे बढ़ गए हैं। इन हादसों में प्रत्येक माह 25 लोगों की जान जा रही है। सड़क हादसों में इतनी अधिक मौतें चिंता का विषय बन गई हैंं।

वर्ष 2025 के सरकारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी माह से दिसंबर माह तक 494 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 301 लोगों की मौत हो गई, जबकि 337 लोग घायल हो गए। इस साल भी हादसों की यही रफ्तार बनी हुई है। जनवरी और फरवरी माह से 65 हादसे हुए। इनमें 50 लोगों की मौत हो गई, जबकि 44 लोग घायल हुए।

 

राष्ट्रीय राजमार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं में त्वरित कार्यवाही एवं घायलों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से थाना सिविल लाइंस, थाना शहजादनगर और थाना मिलक में क्रिटिकल कारिडोर टीम गठित की है। टीम में शामिल सदस्यों को दुर्घटना की स्थिति में त्वरित रिस्पांस, राहत एवं बचाव कार्य को प्रभावी ढंग से संचालित करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

- विद्यासागर मिश्र, पुलिस अधीक्षक


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