रामपुर, जेएनएन। सपा सांसद आजम खां की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। किसानों की जमीन पर कब्जा करने के मामले के बाद भू-माफिया घोषित सांसद आजम खां के खिलाफ गुरुवार को पुलिस ने अब डकैती और हत्या के चार मुकदमे दर्ज किए हैं। तीन वर्ष पहले के इस मामले में आजम खां के साथ पूर्व सीओ तथा आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी के सुरक्षा अधिकारी आले हसन को भी नामजद किया गया है। उनके खिलाफ 60 मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं।

रामपुर के शहर कोतवाली में घोसियान निवासी नन्ने ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि 15 अक्टूबर 2016 को तत्कालीन सीओ सिटी आले हसन खां, एसओजी सिपाही धर्मेंद्र, ठेकेदार इस्लाम, वीरेंद्र गोयल, फसाहत अली खां शानू व 20-30 अन्य लोग उनके घर पर भारी पुलिस फोर्स के साथ आए और कहा कि यह जगह आजम खां ने ले ली है। यहां उनका स्कूल बनना है, फौरन जगह खाली कर दो, वर्ना फर्जी मुकदमे में जेल भेज दिए जाओगे। इन लोगों ने बुरी तरह मारा-पीटा। महिलाओं के भी कपड़े फट गए। उनके घर में रखा सामान, चार तोले सोने के जेवर और दो हजार रुपये भी लूट लिए। इसके बाद घर पर बुलडोजर चलवा दिया।

पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की और धमकाकर थाने से भगा दिया। इसी तरह मन्ने, मुबारक अली,आसिफ अली ने भी रिपोर्ट दर्ज कराई है। आसिफ का आरोप है कि उनकी मां को पीटकर घायल कर दिया, जिससे उनकी दो दिन बाद मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक डॉ. अजय पाल शर्मा ने बताया कि रिपोर्ट जांच पड़ताल के बाद दर्ज की गई हैं। विवेचना में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। 

चुनाव से लेकर अब तक दर्ज हो चुके हैं 64 मुकदमे 
लोकसभा चुनाव के दौरान ही आपत्तिजनक भाषण देने और आचार संहिता के उल्लंघन में आजम खां के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने शुरू हो गए थे। इसके बाद जौहर यूनिवर्सिटी के लिए जमीन कब्जाने के भी 30 मुकदमे दर्ज हुए, जबकि 10 मुकदमे चुनाव से पहले के चल रहे हैं। अब डकैती के मुकदमे भी दर्ज हो गए हैं। इस तरह अब तक उनके खिलाफ थानों में 64 मुकदमे दायर हो चुके हैं।

इलाहाबाद हाई कोर्ट की शरण में आजम खां
रामपुर में कोर्ट के अग्रिम जमानत की याचिका खारिज होने के बाद सांसद आजम खां अब इलाहाबाद हाई कोर्ट की शरण में हैं। कोर्ट में आजम खां के खिलाफ दर्ज 27 एफआईआर रद करने के मामले में सुनवाई होगी। हाई कोर्ट ने कहा कि 27 एफआईआर से जुड़े मामलों की सुनवाई एक ही अर्जी से नहीं हो सकती। आजम खां की ओर से हर एफआईआर पर राहत पाने के लिए अलग-अलग अर्जी दाखिल करनी होगी। इलाहाबाद हाई कोर्ट में रामपुर से समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद आजम खान के दो मामले की गुरुवार को सुनवाई होगी। पहला मामला रामपुर में निर्माणाधीन रामपुर पब्लिक स्कूल के अवैध निर्माण का है। इस मामले में रामपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी हाई कोर्ट में गुरुवार को हलफनामा दाखिल करेगी।

हाई कोर्ट ने पिछली सुनवाई पर स्कूल बिल्डिंग के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया था। इसके अलावा आजम खां के खिलाफ दर्ज 27 एफआईआर रद करने की अर्जी पर भी गुरुवार को सुनवाई होगी। हाई कोर्ट ने कहा है कि 27 एफआईआर से जुड़े मामलों की सुनवाई एक ही अर्जी से नहीं हो सकती। आजम खां की ओर से हर एफआईआर पर राहत पाने के लिए अलग-अलग अर्जी दाखिल करनी होगी। किसानों ने पहले ही हाई कोर्ट में कैविएट दाखिल कर रखी है।

सांसद आजम खां की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जौहर यूनिवर्सिटी का मामला अभी ठंडा नहीं हो पाया था कि उनके हमसफर रिसॉर्ट की दीवार पर बुलडोजर चला दिया गया। रिसॉर्ट की जिस दीवार को तोड़ा गया है, उसे लेकर सिंचाई विभाग ने पहले ही सांसद आजम खां को नोटिस जारी कर दिया था। यह रिसॉर्ट उनके बेटे अब्दुल्ला के नाम पर है। सिंचाई विभाग ने आरोप लगाया कि रिसॉर्ट की दीवार सिंचाई विभाग की जमीन पर बना हुआ है। नोटिस देने के बाद भी इस पर कोई कदम नहीं उठाया गया। आजम खां पर आरोप है कि अखिलेश यादव की सरकार के कार्यकाल में रिसॉर्ट के लिए उन्होंने सिंचाई विभाग के नाले की एक हजार वर्ग गज जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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