स्वार : बुखार से पीड़ित बालक को परिजन सीएचसी ले गए। चिकित्सकों ने बालक को मृतक घोषित कर दिया।

मौसम बदलते ही संक्रामक बीमारियों ने पैर पसारने शुरु कर दिए हैं। क्षेत्र में डेंगू, वायरल, दिमागी बुखार, मलेरिया आदि बीमारियां फैलने लगी हैं। लोग इसकी चपेट में आने लगे हैं। सीएचसी पर मरीजों की भीड़ लगी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अफसरों द्वारा बीमारियों से निपटने के लिए कोई उपाय नहीं किए हैं।गांव शिवपुरी निवासी राशिद का नौ वर्षीय बेटा अनस को दो सप्ताह से बुखार आ रहा था। परिजनों ने बालक को गांव के चौराहे पर झोलाछाप से दवा दिलवा दी, लेकिन उसका बुखार कम नहीं हुआ। उसकी हालत दिन व दिन बिगड़ने लगी, लेकिन परिजन झोलाछाप से दवा दिलवाते रहे। बालक की हालत में सुधार नहीं हुआ तो परिजनों ने बालक को मंगलवार को सीएचसी ले आए। सीएचसी के चिकित्सकों ने बिना जांच कराए ही दवा देकर बालक को घर भेज दिया। बुधवार सुबह बालक की हालत बिगड़ गई, जिस पर परिजन घबरा गए और बालक को आनन-फानन में सीएचसी ले आए, जहां चिकित्सकों ने बालक को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों की लापरवाही से गई अनस की जान स्वार : मृतक बालक के पिता की शादी दस वर्ष पूर्व हुई थी। शादी के बाद बड़ी मन्नतों से एक बेटा हुआ था। इकलौता बेटा होने पर परिजन अच्छी परवरिश कर रहे थे। पिता का कहना है कि सीएचसी में चिकित्सक अगर उसके बेटे का जांच परीक्षण करवा लेते तो उसकी जान बच जाती, लेकिन चिकित्सकों ने बिना जांच कराए ही दवा देकर टरका दिया।

Posted By: Jagran