जागरण संवाददाता, रामपुर : कागजों में हेराफेरी कर जौहर यूनिवर्सिटी के लिए शत्रु संपत्ति कब्जाने के आरोप में फंसे आजम खां की अग्रिम जमानत अर्जी जिला जज की कोर्ट ने खारिज कर दी है। इस मामले में शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी की भी अग्रिम जमानत पहले खारिज हो चुकी है।

दो माह पहले अजीमनगर थाने में सपा सांसद, उनकी पत्नी राज्यसभा सदस्य डॉ. तजीन फात्मा, बेटे विधायक अब्दुल्ला, शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी, सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जुफर फारूखी समेत नौ लोगों के खिलाफ शत्रु संपत्ति कब्जाने का मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोप था कि सपा शासनकाल में आजम खां ने अपने मंत्री रहते वक्फ बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से कागजों में हेराफेरी करके शत्रु संपत्ति को अपनी जौहर यूनिवर्सिटी में शामिल कर लिया था। इस मुकदमे में गिरफ्तारी से बचने के लिए सांसद ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जिला जज के न्यायालय में जमानत याचिका दायर की थी। याचिका पर अभियोजन की ओर से आपत्ति दर्ज की गई थी। जिला शासकीय अधिवक्ता दलविदर सिंह डंपी ने बताया कि कोर्ट ने सांसद की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।

Posted By: Jagran

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