विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'...काले कपड़े पहनकर ईद मनाएं', आजम खां के नाम पर फर्जी संदेश फैलाने वाले सपा नेता पर FIR

Published: Tue, 17 Mar 2026 11:35 AM (IST)

पुलिस ने सपा नेता यूसुफ मलिक के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि आजम ...और पढ़ें

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, रामपुर। ईरान पर हुए हमले के विरोध में काले कपड़े पहनकर ईद मनाएं...जेल में बंद सपा के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां ने ऐसा कोई संदेश सपा नेता यूसुफ मलिक के जरिये भिजवाया ही नहीं था। पुलिस के मुताबिक 14 मार्च को यूसुफ मलिक की आजम खां से मुलाकात तक नहीं हुई थी।

जांच में साफ हुआ कि सपा नेता ने आजम खां के नाम से जो संदेश बोलकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किया, वह मनगढ़ंत और बेबुनियाद था। प्रकरण में उप निरीक्षक प्रेम चंद्र शर्मा ने युसूफ मलिक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई हे।

दो पैन कार्ड मामले में आजम खां और उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला को 17 नवंबर 2025 को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई थी। तब से दोनों रामपुर जेल में बंद हैं। 14 मार्च को आजम खां से जेल में मिलने उनकी पत्नी पूर्व सांसद डॉ. तजीन फात्मा गई थीं।

उनके साथ मुरादाबाद के सपा नेता यूसुफ मलिक भी थे। वापस आने के बाद सपा नेता ने दावा किया था कि आजम खां ने जेल से संदेश भिजवाया है। उन्होंने सुन्नी मुसलमानों से अपील की है कि ईद पर काले कपड़े पहनें और हो सके तो नए कपड़े न पहनें। ईद की नमाज काली पट्टी बांधकर पढ़ें। कहकहे लगाकर न हसें। 

यह भी पढ़ें- ईरान में हुए हमले पर जेल से आया आजम खां का संदेश- काले कपड़े पहनकर मनाएं ईद

सपा नेता ने ईरान हमले पर जाहिर किया था अफसोस

सपा नेता का यह भी कहना था कि आजम खां ने अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमला करने और उसमें लोगों के मारे जाने पर अफसोस जाहिर किया था। उन्होंने मुसलमानों से अपील की है कि ईद के दिन काले कपड़े पहनकर उन बच्चियों को खिराजे अकीदत पेश करें।

सपा नेता का यह संदेश प्रसारित होने पर पुलिस ने संज्ञान लिया। गंज कोतवाली प्रभारी पवन कुमार शर्मा ने बताया कि जेल प्रशासन से पूछताछ और जांच-पड़ताल में हकीकत सामने गई।

उनके इस भ्रामक बयान से दो संप्रदाय के बीच वैमनस्यता फैलने और कानून व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा उत्पन्न होने की आशंका थी। इसलिए प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज की गई है।