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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 28, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Azam Khan के वो किस्से जो दर्शाते हैं उनकी सत्ता की हनक और अफसरों से दुर्व्यवहार की कहानी

By Mohd MuslemeenEdited By: Samanvay Pandey
Published: Fri, 28 Oct 2022 12:09 PM (IST)

Azam Khan Stories आजम खां ने एक जिला अधिकारी को तो उन्होंने इतनी बुरी तरह हड़काया था कि वह सपा ...और पढ़ें

Azam Khan Stories : सपा नगर अध्यक्ष के कदमों में बैठे तत्कालीन जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी (लाल घेरे में)। (फाइल फोटो)।
Azam Khan Stories : सपा नगर अध्यक्ष के कदमों में बैठे तत्कालीन जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी (लाल घेरे में)। (फाइल फोटो)।

रामपुर, (मुस्लेमीन)। Azam Khan Stories : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां की सपा शासनकाल में गजब की हनक थी। बड़े-बड़े अफसर उनके सामने थर्राते थे। एक जिला अधिकारी को तो उन्होंने इतनी बुरी तरह हड़काया था कि वह सपा के नगर अध्यक्ष के कदमों में जाकर बैठ गए थे। आजम खां के ऐसे ही कई किस्से हैं जो उनकी सत्ता की हनक और अफसरों से दुर्व्यवहार की कहानी कहते हैं। आइए उन पर डालें एक नजरः-

सपा नेता के कदमों में बैठ गए थे डीएम

सपा शासन काल में आजम खां ने रामपुर में डीएम रहे सीपी त्रिपाठी को तो इतना हड़काया था कि वह गांधी समाधि पर बोल रहे सपा नगर अध्यक्ष के कदमों में जाकर बैठ गए थे। तब रामपुर में बापू मॉल का निर्माण कराया जा रहा था। प्रशासन वाल्मीकि बस्ती के सड़क किनारे बने घरों को तोड़ना चाहता था, लेकिन बस्ती के लोग इसके विरोध में आंदोलन कर रहे थे।

तब जिलाधिकारी ने इन लोगों से वार्ता कर मकान न तोड़ने का आश्वासन दे दिया था। इसी से आजम खां नाराज हो गए थे। डीएम को बुरी तरह हडका दिया था। डीएम के विरोध में ही सपा के लोग गांधी समाधि पर धरना देने पहुंच गए थे। सपा नगराध्यक्ष आसिम राजा सपाइयों को संबोधित कर रहे थे। डीएम वहां पहुंचे और सपा नगर अध्यक्ष के कदमों में बैठ गए।

सिटी मजिस्ट्रेट बेहोश होकर गिर पड़े थे

इससे पहले सिटी मजिस्ट्रेट रहे नवाब अली खां को भी बुरी तरह हड़काया था। तब गेस्ट हाउस में सामने बैठे डीएम और एसपी से उन्हें जेल भेजने को कह दिया था। इससे घबराए सिटी मजिस्ट्रेट बेहोश होकर गिर पड़े थे। बाद में अफसरों ने मुंह पर पानी छिड़का तो होश में आए थे। बिलासपुर के चिकित्सा अधीक्षक को तो जेल भिजवा दिया था। एक बार जिला अस्पताल के टेक्नीशियन को भी मुर्गा बना दिया था।