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झटके पर झटका: शत्रु संपत्ति के 3 केस एक करने की आजम खान की याचिका सेशन कोर्ट से भी खारिज, अलग चलेंगे मुकदमे

Published: Sat, 17 Oct 2026 12:11 PM (IST)

सपा नेता आजम खान की शत्रु संपत्ति के तीन मुकदमों को एक साथ सुनने की याचिका सेशन कोर्ट ने भी ...और पढ़ें

आजम खान

आजम खान

HighLights

  1. निचली अदालत से खारिज होने के बाद एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट सेशन ट्रायल में लगाई थी याचिका

जागरण संवाददाता, रामपुर। सपा नेता आजम खान के खिलाफ शत्रु संपत्ति के तीन मुकदमों को एक करने की पुनरीक्षण याचिका सेशन कोर्ट से भी खारिज हो गई है। इससे पहले निचली अदालत से भी याचिका खारिज हो गई थी, जिसके बाद आजम खान ने सेशन कोर्ट में रिवीजन किया था।

आजम खान के अधिवक्ता का कहना था कि तीनों मुकदमों में विवादित संपत्ति एक है। ज्यादातर अभियुक्तगण और दस्तावेज भी लगभग एक है। अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सीमा राणा ने बहस की थी।

उनका तर्क था कि तीनों प्रकरण अलग-अलग प्रपत्रों से अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग अभिलेख की भिन्न-भिन्न समय तिथि पर कूटरचना के अपराध से संबंधित है। इनका विचारण भी अलग-अलग ही किया जाना चाहिए।

कलक्ट्रेट के रिकार्ड रूम के सहायक अभिलेखपाल मोहम्मद फरीद की ओर से सिविल लाइंस थाने में नौ मई 2020 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें पहले लखनऊ के पीरपुर हाउस निवासी सैयद आफाक अहमद व अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी हुई थी।

यह शत्रु संपत्ति आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी के आसपास थी, जो इमामुद्दीन कुरैशी पुत्र बदरुद्दीन कुरैशी के नाम दर्ज थी। इमामुद्दीन कुरैशी विभाजन के समय देश छोड़कर पाकिस्तान चले गए थे। वर्ष 2006 में यह संपत्ति शत्रु संपत्ति के रूप में राजस्व अभिलेखों में दर्ज कर ली गई थी।

भूमि के रिकार्ड की जांच करने पर पता चला था कि राजस्व विभाग के रिकार्ड में फर्जीवाड़ा कर शत्रु संपत्ति को खुर्द बुर्द करने के लिए आफाक अहमद का नाम गलत तरीके से राजस्व रिकार्ड में अंकित किया गया था। रिकार्ड के पन्ने फटे हुए मिले थे।

इसमें आजम खान, उनकी पत्नी पूर्व सांसद डाॅ. तजीन फात्मा और उनके बेटे अब्दुल्ला समेत जौहर ट्रस्ट के अन्य सदस्य आरोपित बनाए गए। ट्रस्ट में अधिकतर सदस्य आजम खान के परिवार के हैं।

इस मुकदमे में सेवानिवृत्त कलक्ट्रेट कर्मचारी भगवंत भी आरोपित हैं, जो सरकारी गवाह बन चुके हैं। उनके बयान के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में अग्रिम विवेचना की थी, जिसके बाद आजम खान पर तीन धाराएं बढ़ाते हुए पूरक आरोप पत्र लगाया था। इसके अलावा शत्रु संपत्ति के दो मुकदमे वर्ष 2019 में अजीमनगर थाने और शहर कोतवाली में दर्ज हुए थे।

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