रामपुर : प्रशासन ने काशीराम कालोनी में 124 लोगों का आवंटन निरस्त कर दिया है। इनके स्थान पर दूसरे गरीबों को आंवटन पत्र दिए जाएंगे।

बहुजन समाज पार्टी की सरकार में साल 2009-10 में रामपुर में काशीराम आवास कालोनी बनाई गई थीं। मढैया नादरबाग और पहाड़ी गेट पर काशीराम आवास बनाए गए थे। इनके आवंटन में अनियमितताएं बरती गई थीं। गरीबों की बजाय पैसों वालों ने आवास आवंटित करा लिए और किराए पर उठा दिए। ऐसी शिकायतें शुरू से ही मिलती रहीं। सपा शासनकाल में भी कई अपात्रों से आवास खाली कराए गए थे, उनके खिलाफ रिपोर्ट भी कराई गई थी। अब फिर ऐसी शिकायत मिलने पर प्रशासन ने जांच कराई। जिलाधिकारी रविद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि जांच पड़ताल के बाद 124 आवंटन निरस्त किए गए हैं। इनके स्थान पर दूसरे गरीबों को आवास दिए जा रहे हैं। 18 सितंबर को केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी आवासों के आवंटन पत्र गरीबों को सौंपेंगे।

किराए पर उठा दिए थे आवास

रामपुर : नगर मजिस्ट्रेट राम जी मिश्रा ने बताया कि 58 अपात्रों ने आवास आंवटन के बाद किराए पर उठा दिए थे, जबकि 29 लोगों ने ताले डाल रखे थे। प्रशासन की टीम कई बार जांच-पड़ताल के लिए पहुंची, लेकिन जिन लोगों के नाम आवास आवंटन थे, वे नहीं मिले। इसके अलावा 37 ऐसे लोग भी हैं, जिनकी मौत हो चुकी है। इन सभी के आवंटन निरस्त कर दिए हैं। अब दूसरे पात्र लोगों को आवास आवंटित किए जा रहे हैं। मृतकों के स्थान पर उनके वारिसान को आवंटित किए गए हैं। अब जिन लोगों को आवास दिए जा रहे हैं, उनकी ठीक से जांच पड़ताल की जा रही है। अगर किसी के आवंटन में अनियमितता की बात सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

आसरा आवासों की भी चल रही जांच

रामपुर : समाजवादी पार्टी के शासनकाल में गरीबों के लिए आसरा आवास बनाए गए थे। तीन दिन पहले पहाड़ी गेट पर छज्जा गिरने से एक महिला की मौत हो गई और चार लोग घायल हो गए। इस मामले की जांच कमेटी द्वारा कराई जा रही है। रिपोर्ट भी दर्ज कराई है। जिलाधिकारी ने सभी आवासों का सर्वे कराने का भी आदेश दिया है ताकि जर्जर हुए भवनों की मरम्मत कराई जा सके। इंजीनियरों ने जांच में पाया है कि आवासों में घटिया निर्माण सामग्री लगी, जिसकी वजह से हादसा हुआ।

Edited By: Jagran