रामपुर, जेएनएन। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में उपद्रव के बाद पुलिस अब उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इसी सिलसिले में सपा सांसद आजम खां गुरुवार देर शाम एडीजी अविनाश चंद्र से मुलाकात करने बरेली पहुंचे। कहा कि रामपुर की पुलिस वहां के लोगों का उत्पीडऩ कर रही है। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हुए उपद्रव में बेगुनाहों पर भी कार्रवाई की जा रही है। उन्हें प्रताडि़त किया जा रहा है।

एडीजी ने दिया जांच का आश्वासन

बीते दिनों रामपुर में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान उपद्रव हुआ था, जिसमें अब कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आरोपितों की पहचान कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है। पुलिस का कहना है इस मामले में विपक्ष की भी भूमिका है। हालांकि इस कार्रवाई पर सपा ने सवाल खड़े कर दिए हैं। एडीजी ने आश्वासन दिया कि प्रकरण की जांच कराई जाएगी। उन्होंने रामपुर पहुंचकर हालात का जायजा लेने का भरोसा भी दिया। इस दौरान रामपुर के पार्टी पदाधिकारी आसिफ रजा, अखिलेश सिंह, पूर्व विधायक विजय सिंह, बरेली के सरफराज वली खां, सैफवल, शोएब अली आदि लोग मौजूद रहे।  

मुकदमे में फंसे लोगों के परिजन भी पहुंचे

बवाल के मुकदमे में फंसे लोगों के परिजनों ने भी गुरुवार को बरेली जोन के एडीजी अविनाश चंद्रा से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें पत्र सौंपा, जिसमें निर्दोषों पर कार्रवाई न किए जाने की मांग की है। कहा कि 21 दिसंबर को हुए बवाल में कुछ ऐसे लोगों के नाम भी आ गए हैं जो घटना के समय अपने घरों से बाहर तक नहीं निकले थे और न ही उनका कोई आपराधिक इतिहास है। कांग्रेस से निष्कासित फैसल लाला के नेतृत्व में मिले लोगों ने कहा कि घटना स्थल पर पहुंचे लोग उलमा के बुलावे पर गए थे। बाद में कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था, जिसकी जानकारी उन लोगों को नहीं हो पाई थी। ऐसे में सिर्फ उस स्थान पर जाना किसी अपराध की श्रेणी में नहीं आता है। एडीजी ने निष्पक्ष जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया। 

जिन लोगों के नाम फुटेज या किसी अन्य माध्यम से पता चले हैं। उन्हीं पर कार्रवाई की जा रही है। किसी बेगुनाह पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।

-अविनाश चंद्र, एडीजी

 

Posted By: Narendra Kumar

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