मिलक। पशु चराने को लेकर चल रहा विवाद सांप्रदायिक ¨हसा में बदल गया। एक पक्ष ने अंधाधुंध फाय¨रग कर गांव में पहले दहशत फैला दी। बाद में मस्जिद की छत पर बैठ गए, जहां से मंदिर की सेवा कर रहे युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। सूचना से पुलिस में हड़कंप मच गया। बरेली जोन के पुलिस महानिरीक्षक ने गांव का दौरा किया। गांव छावनी में बदल गया है। पुलिस ने फायिरंग के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। दूसरे समुदाय के व्यक्ति ने भी अपने पुत्र के गायब होने की तहरीर दी है।

कूप गांव मिलक कोतवाली और तहसील शाहबाद क्षेत्र में आता है। यहां नदी पार खेतों में जानवरों को चराने को लेकर दोनों समुदायों में पहले भी कई बार विवाद हो चुका है। एक पक्ष का आरोप है कि दूसरे समुदाय के युवक उनके खेतों में खड़ी फसल में जानवरों को चरने छोड़ देते है जिससे उनको नुकसान उठाना पड़ता है। मंगलवार शाम जितेंद्र और राजू पुत्र हरनाम ट्रेक्टर लेकर, विकास पुत्र हरिओम और गांव के अन्य युवकों के साथ अपने खेत पर गया था। वहां घात लगाकर बैठे गुलाब, नशीर, नन्हे, उमर अली, अल्ताफ, फरमान, सुभान, कादम ने उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। सूजा फरसा और तलवारों से राजू और जितेंद्र को घायल कर दिया। आरोपियों ने उनके ट्रेक्टर में भी तोड़फोड़़ की। अगला पहिया फाड़कर निकाल दिया। किसी तरह जान बचाकर बाकी साथी राजू और जितेंद्र को क्षतिग्रस्त ट्रेक्टर पर डालकर घर लेकर आए। परिजन घायलों को लेकर मंगलवार की शाम को ही कोतवाली लेकर पहुंचे, लेकिन पुलिस ने मामला एनसीआर में दर्ज कर उनको टरका दिया। राजू और जितेंद्र को मेडिकल के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस घटना से गांव में तनाव फैल गया। बुधवार सवेरे कोटा डीलर अल्ताफ ठाकुरों के मुहल्ले में दूध लेने गया। वहां उसे मारपीट की घटना से नाराज होकर दूध देने से मना कर दिया। आरोप है कि इस दौरान तकरार हुई तो डीलर देख लेने की धमकी देकर चला आया। कुछ देर बाद अल्ताफ अपने साथियों उमर अली, इस्तकाम, नन्हे, अमीरसेन के साथ अपनी लाइसेंसी रायफल से फायरिगं करते हुए मुहल्ले में पहुंचा। इस दौरान मुहल्ले में साठ से सत्तर राउंड फाय¨रग की जिससे दहशत फैल गई। डर के मारे लेगा घरों में दुबक लिए। फाय¨रग के बाद आरोपी हथियारों से लैस होकर मस्जिद की छत पर जा बैठे। आरोप है कि मस्जिद के लाउडस्पीकर से दूसरे समुदाय पर हमले के लिए अपने वर्ग के लोगों को उकसाने लगे। इस मस्जिद के बराबर में ही मंदिर है। सवेरे आठ बजे महेंद्र ¨सह राठौर का पंद्रह वर्षीय पुत्र संजू रोजाना की तरह पूजा करने से पहले मंदिर की छत पर झाड़ू से साफ सफाई करने लगा। इस बीच अल्ताफ ने मस्जिद की छत से ही रायफल से संजू को गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। इससे चीख पुकार मच गई। किसी ने जब पुलिस को सूचना दी तो हड़कंप मच गया। भारी फोर्स गांव पहुंची तो आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने संजू की लाश को मंदिर की छत से उतरवाकर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। मंदिर की छत की सफाई कराई। आईजी विजय ¨सह मीणा, डीआईजी ओंकार ¨सह, एसपी साधना गोस्वामी, एएसपी तारिक मोहम्मद फोर्स के साथ गांव में पहुंच गए। अफसरों ने मौका मुआयना किया। पीएसी समेत फोर्स ने गांव में डेरा डाल दिया है। चप्पे चप्पे पर पुलिस बल तैनात है।संजू के पिता की तहरीर पर उमर अली, इस्तकाम, नन्हे, अमीरसेन और अल्ताफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने दबिश देकर मुख्य आरोपी अल्ताफ को गिरफ्तार कर लिया। बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है। दूसरी ओर पीरु ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि उसका पुत्र नन्हे एक घर में में मजदूरी को गया था पर उसका कोई पता नहीं है। पुलिस ने उसकी तहरीर के आधार पर दो लोगों को हिरासत में लिया है। नन्हे फायरिगं करने और संजू की मौत के मामले में नामजद है।