रायबरेली : लोकसभा चुनाव में वाहनों की व्यवस्था को लेकर एआरटीओ प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। 1200 वाहन मालिकों को नोटिस भेजा गया है। सभी को तीन मई को हाजिर होने के लिए कहा गया है। सख्त हिदायत दी गई है कि अगर चुनाव में वाहन देने से आनाकानी की तो सीधे जेल की हवा खानी पड़ेगी।

जिले में छह मई को मतदान होना है। इसमें पोलिग पार्टियों को बूथ तक पहुंचाने के लिए वाहनों की आवश्यकता पड़ती है। इसकी जिम्मेदारी उप संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय को दी गई है। एआरटीओ ने 1200 वाहनों की सूची बनाई है। इनमें 500 बोलेरो और 700 बस व ट्रक शामिल हैं। इन वाहनों के मालिकानों को नोटिस भी भेजा गया है। सभी वाहन मालिकों को अपने-अपने वाहन के साथ तीन मई को गोरा बाजार स्थित बिजली विभाग के खाली पड़े मैदान में बुलाया गया है, ताकि उन्हें उनकी जिम्मेदारी से अवगत कराया जा सके। खास बात यह है कि इस बार वाहन मालिकों की मनमानी को क्षमादान नहीं मिलेगा। यदि किसी वाहन मालिकों ने वाहन देने में हीलाहवाली की तो उसे जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।

चुनाव में करें सहयोग : एआरटीओ

एआरटीओ प्रशासन संजय तिवारी ने कहा कि सभी वाहन मालिक चुनाव में सहयोग करें। जो जिम्मेदारी दी जाए, उसे निभाएं। किसी तरह की बहानेबाजी नहीं चलेगी। जो भी स्वामी वाहन नहीं देगा, उसके खिलाफ लोक प्रतिनिधि अधिनियम-1951 की धारा 157 के तहत एफआइआर दर्ज कराई जाएगी। इसमें तत्काल गिरफ्तारी भी होगी।

Posted By: Jagran