रायबरेली, जेएनएन। नई दिल्ली के अस्पताल में उन्नाव की दुष्कर्म पीडि़ता की मौत के दूसरे दिन उसका वकील निशाने पर आ गया। सोशल मीडिया पर पीड़िता तथा वकील के बीच उसके मोबाइल से वाट्सएप चैटिंग के कुछ अंश पहुंच गए।

मीडिया ने उसके बाद वकील से जब सवाल पूछे तो उन्होंने उस संदेशों को सामान्य बताते हुए तफ्तीश का हिस्सा कहा। हालांकि केस में सुलह समझौते और पैसे के लेन-देन की लिखत-पढ़त के बावत वे संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। सीओ सिटी ने इस पूरे मामले से ही पल्ला झाड़ा।

सोशल साइट पर रविवार को शाम को वाट्सएप चैटिंग के कुछ स्क्रीन शॉट वायरल हुए। बताया जाता है कि यह चैट उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता और उसके वकील के मध्य हुई थी। इनमें तमाम बातें मुकदमे को लेकर लिखी गई हैं। यही नहीं संदेश में यह भी लिखा गया कि सही वक्त पर सही निर्णय लेने वाले ही सफल और सुखी होते हैं। दो लाख लेने की बात भी चैटिंग में लिखी गई है।

उधर, जब मामला गर्माया तो वकील ने अपने बयान में कहा पुराने वकील ने हमें इस मैटर में इंगेज किया था। 156/3 (न्यायालय से मुकदमे का आदेश) होने तक हम लोग उसमें वकील थे। उसके बाद भी वह प्रार्थना पत्र लिखवाने भी हमारे पास आती थी। उसके तमाम परिचित भी कंप्रोमाइज की बात करते थे। यह चैट वही है। देर शाम वकील का फोन बिजी हो गया।

सीओ सिटी बोले, वाट्सएप पर ही देखा

नगर क्षेत्राधिकारी गोपीनाथ सोनी से जब पूछा गया कि उन्नाव दुष्कर्म मामले में कुछ चैटिंग के स्क्रीन शॉट वायरल हुए हैं। उसमें क्या पुलिस कोई कार्रवाई कर रही है। सीओ ने कहा कि मैंने देखा तो है, लेकिन जब तक किसी ओर से पुलिस को शिकायत या सूचना दर्ज न कराई जाए, तब तक हम सीधा हस्तक्षेप कैसे कर सकते हैं। जिस थाने में मुकदमा दर्ज है, अगर वहां की पुलिस सहयोग मांगेगी तो जरूर मदद करेंगे। 

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