वीआइपी दौरे में यातायात व्यवस्था पंगु, जाम से लाचार जिम्मेदार

रायबरेली : दो दिन वीआइपी का दौरा। पहले मुख्यमंत्री और फिर उपमुख्यमंत्री। इन्हीं दो दिनों में शहर की यातायात व्यवस्था घुटने के बल आ गई। पहले दिन रूट तय किया गया तो व्यवस्था संभालने के लिए कोई पुलिस कर्मी नहीं। नतीजतन लोग खुद ही रास्ता तलाशते रहे। दूसरे दिन गुरुवार को भी कुछ ऐसा ही हाल रहा। पांच घंटे तक डिग्री कालेज के आसपास जाम लगा रहा। वाहन रेंगते हुए निकलते रहे। कोई तैयारी न होने का खामियाजा आम जनमानस को भुगतना पड़ा। पुलिस कर्मी हांफते और झल्लाते नजर आए। सीओ सिटी वंदना सिंह को व्यवस्था संभालने के लिए उतरना पड़ा। काफी प्रयास किया। अंत में थक हारकर बैठ गईं। यातायात संचालन को लेकर जिम्मेदार बड़ी-बड़ी डींगे मारते रहते हैं। आए दिन व्यवस्था को बेहतर बनाने का दावा किया जाता है, लेकिन जब इम्तिहान की घड़ी आई तो औंधे मुंह गिर पड़े। आम हो या खास जाम में सभी जूझते रहे। उप मुख्यमंत्री के जाने के बाद भी दो घंटे तक व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट सकी। एंबुलेंस को नहीं मिला रास्ता: हालात ऐसे रहे कि कहीं से निकलने की जगह नहीं रही। दो एंबुलेंस भी करीब 20 मिनट तक जाम में फंसी रहीं। लगातार सायरन बजता रहा, लेकिन इसका असर किसी पर नहीं पड़ा। डिग्री कालेज चौराहा से कचहरी रोड पर सबसे अधिक जाम रहा। कैनाल रोड का भी कुछ ऐसा ही हाल रहा। सुबह चाक चौबंद, दोपहर में पसीना-पसीना: उप मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सुबह से ही पुलिस कर्मी मुस्तैद रहे। डिग्री कालेज चौराहा के आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा। दोपहर में डिप्टी सीएम के आते ही व्यवस्था बिगड़ गई। जाम इस कदर लगा कि हर कोई पसीना-पसीना हो गया।

Edited By: Jagran

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