बांस और बल्लियों के सहारे हो रही आपूर्ति

रायबरेली : बांस के सहारे तो कहीं पर बल्लियों पर बंधे बिजली के तार। बिजली आपूर्ति व्यवस्था की यही हकीकत है। पावर कारपोरेशन हर साल करोड़ों रुपये सुधार के कार्यों में लगाता है, लेकिन सालों से बदहाल बिजली की लाइनों की दशा अब भी नहीं सुधरी। हवा का हल्का सा झोंका भी आ जाए तो तार और बल्लियां धराशायी हो जाती हैं। कारपोरेशन के अभियंताओं का पूरा जोर सिर्फ नए कनेक्शन देने और बिल वसूली में है। कनेक्शनधारकों को बिजली किस तरह की व्यवस्थाओं से मिलती है, इसे देखने वाला कोई नहीं है। पेश है एक रिपोर्ट... दृश्य एक समय - 10 बजे स्थान - पचखरा संपर्क मार्ग पचखरा गांव को जाने वाले इस संपर्क मार्ग पर बिजली की एक लाइन बनी थी। करीब चार साल पहले इसके खंभे आंधी में टूट गए थे। नए खंभे लगाने की जगह कर्मचारियों ने बांस और बल्लियों के सहारे तार लटका दिए। तब से ऐसे ही आपूर्ति हो रही है। किसी भी कोई हादसा हो सकता है। दृश्य दो समय - 10.20 बजे स्थान - भैसापुर सवैया प्राथमिक विद्यालय में बिजली का कनेक्शन देने के लिए एक ट्रांसफार्मर लगाया गया था। ट्रांसफार्मर से स्कूल की दूरी 100 मीटर से अधिक थी। इस पर अभियंताओं ने खंभे लगाने की जगह बांस लगाकर केबल खींच दी। हालांकि, खंभे लगाने की मांग हुई, लेकिन अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। दृश्य तीन समय : 11 बजे स्थान - ज्वाला देवी मंदिर के निकट यहां पर प्रापर्टी डीलर ने नई बस्ती बसाई है, लेकिन बिजली की लाइन बनवाकर नहीं दी। मकान बनवाने वाले लोगों को बिजली की जरूरत पड़ी तो पावर कारपोरेशन ने कनेक्शन दे दिए। 100 से 200 मीटर तक दूर बने घरों में बांस और बल्लियों के सहारे केबल खींची गई है, जो नियमों के विपरीत है। दृश्य चार समय - 11.20 बजे स्थान - अलीगंज यहां पर अमित और विमल के दरवाजे लगा बिजली का खंभा झुक गया है। तार इतने ढीले हैं कि कोई भी राहगीर इनकी चपेट में आ सकता है। हरिकेश, राजू, एजाज अहमद, उवैस मंसूरी ने बताया कि शिकायत के बाद भी खंभा नहीं बदलवाया जा रहा है। वर्जन बिजली की लाइनें बांस बल्लियों पर बंधी होने का मामला जानकारी में नहीं है। अगर ऐसा है तो जांच के बाद व्यवस्था में सुधार कराया जाएगा। शिवम वर्मा, उपखंड अधिकारी, ऊंचाहार

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