रायबरेली : एम्स को 148 एकड़ भूमि की दरकार है। इसमें से शुगर मिल की लगभग 98 एकड़ जमीन संस्थान को लीज पर दी जा चुकी है। 237 किसानों की जमीन के अधिग्रहण का काम चल रहा है। अब सिर्फ दो एकड़ जमीन की रजिस्ट्री होना बाकी है। इसके लिए किसानों की खोजबीन की जा रही है, जोकि अभी गैर जिला, प्रांत या फिर विदेश में हैं।

कोरोना महामारी के कारण जमीन के अधिग्रहण का काम दो बार टला। इस बार अक्टूबर में शासन से 43 करोड़ रुपये मिले तो किसानों के जमीन की रजिस्ट्री के काम में तेजी आई। सुलतानपुर और दरियापुर के 237 किसानों की 49 एकड़ जमीन में से 47 एकड़ का अधिग्रहण किया जा चुका है। दो एकड़ जमीन के मालिक गांव में नहीं रहते हैं। लेखपालों ने जो रिपोर्ट अफसरों को दी है, उसमें बताया गया कि वे या तो दूसरे जनपद या प्रांत में नौकरी करते हैं, या फिर अभी विदेश में हैं। उनके करीबियों से फोन नंबर लेकर संपर्क किया जा रहा है ताकि, जल्द शेष जमीन की भी रजिस्ट्री करा ली जाए। एडीएम प्रशासन अमित कुमार ने बताया कि जो किसान बाहर हैं, उन्हें रजिस्ट्री के लिए वापस बुलाया जा रहा है। जमीन की लिखा-पढ़ी होते ही किसानों के खाते में धनराशि भेज दी जाएगी।

सोनिया गांधी ने किया था भूमि पूजन

आठ अक्टूबर को सांसद सोनिया गांधी ने एम्स के लिए भूमि पूजन किया था। उनके साथ प्रियंका वाड्रा भी मौजूद थीं। सबसे पहले आवासीय परिसर बना। एम्स हास्पिटल और मेडिकल कालेज का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। ओपीडी के साथ आइपीडी सेवाएं भी शुरू कर दी गई हैं। बड़े आपरेशन अभी यहां नहीं हो रहे हैं, जिन्हें जल्द शुरू करने की बात एम्स प्रबंधन कह रहा है।

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