अब रायबरेली के डाकघरों के खातों का होगा डिजिटल रिकॉर्ड, खाताधारकों को मिलेंगी प्रिंटेड पासबुक
रायबरेली के डाकघरों में अब खाताधारकों को हाथ से लेनदेन दर्ज कराने की प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी। डाक विभाग सभी ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
डाकघरों में हाथ से लेनदेन दर्ज करने की प्रक्रिया खत्म होगी।
सभी खातों का डाटा बैंक की तरह ऑनलाइन किया जाएगा।
खाताधारकों को नई प्रिंटेड पासबुक उपलब्ध कराई जाएगी।
जागरण संवाददाता, रायबरेली। जिले के डाकघरों में अब खाताधारकों को पासबुक में हाथ से लेनदेन दर्ज कराने की प्रक्रिया से जल्द राहत मिलने वाली है। डाक विभाग की ओर से सभी खातों का डाटा बैंक की तर्ज पर आनलाइन करने की तैयारी की जा रही है। इससे खाताधारक अपने खाते का विवरण आनलाइन प्रिंट करा सकेंगे। इसके लिए पुरानी पासबुक को बदलकर प्रिंटेड पासबुक देने की भी तैयारी है।
जिले में दो मुख्य डाकघर और 54 उपडाकघर संचालित हैं। डाक अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि इन सभी डाकघरों में करीब साढ़े तीन लाख खाताधारक हैं। अभी तक अधिकांश खातों में लेनदेन का विवरण पासबुक में हाथ से दर्ज किया जाता है। इससे खाताधारकों को हर बार प्रविष्टि कराने के लिए डाकघर पहुंचना पड़ता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद खाते से संबंधित जानकारी डिजिटल रूप से उपलब्ध होगी।
नई प्रिंटेड पासबुक कराई जाएगी उपलब्ध
डाक विभाग की योजना के तहत खातों के डाटा को आनलाइन सिस्टम में दर्ज किया जा रहा है। इसके बाद खाताधारकों को नई प्रिंटेड पासबुक उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें खाते का विवरण मशीन से प्रिंट किया जा सकेगा।
इससे हाथ से प्रविष्टियां दर्ज करने की जरूरत कम हो जाएगी और खाताधारकों को खाते की जानकारी अधिक व्यवस्थित तरीके से मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि आनलाइन व्यवस्था को लेकर विभागीय स्तर पर तैयारी की जा रही है।
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जल्द ही इस प्रक्रिया को शुरू कराया जाएगा। इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी की जा रही हैं। आनलाइन डाटा तैयार होने के बाद खाताधारकों को बैंकिंग व्यवस्था की तरह अपने खाते का विवरण प्राप्त करने में सुविधा होगी। विभाग का उद्देश्य डाकघर की सेवाओं को डिजिटल बनाना है।
