संसू, डलमऊ (रायबरेली) : शासन से तहसील को सवा लाख पौधरोपण का लक्ष्य मिला। 15 अगस्त को अफसरों की ओर से लक्ष्य पूरा करने का दावा भी कर दिया गया, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। सैकड़ों पौधे ब्लॉक परिसर में ही सूख गए। वहीं, गड्ढों की खुदाई करा दी गई, लेकिन उसमें पौधे नहीं रोपित किए गए। सरकारी धन का जमकर दुरुपयोग किया गया। इस पर उच्चाधिकारी मौन हैं। आखिर यह अफसरों की कैसी निगहबानी

डलमऊ तहसील प्रशासन की लापरवाही के कारण डलमऊ ब्लॉक परिसर में ही सैकड़ों फलदार पौधे सूख गए। यहां पर अफसरों का डेरा रहता है। योजना कोई भी हो उनकी नजरे लगी रहती हैं। इसके बावजूद पौधे सूख गए। इस ओर किसी का ध्यान नहीं गया। गड्ढे खोदवाकर भूल गए अफसर

पूरे लोधन मजरे नरसवां गांव के निकटमई माह में पौध रोपण के नाम पर मनरेगा योजना से गड्ढे खोदवाए गए। लेकिन पौध रोपण के बजाय उक्त भूमि को तहसील प्रशासन ने भूमाफिया के सुपुर्द कर दिया। उक्त लोगों ने चारागाह की भूमि पर धान की रोपाई करा दी। ग्रामीणों जितेंद्र कुमार, दयाराम, हरिभान आदि ने शिकायत एसडीएम से की, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। लक्ष्य के अनुरूप पौधों का रोपण कराया जा चुका है। लक्ष्य से अधिक पौधे आ गए थे। वही सूख गए हैं। चरागाह की भूमि पर कई गांव बसे हैं। इसीलिए चारागाह की किसी भी भूमि को हम खाली नहीं करा सकते। नरसवां गांव में खोदे गए गड्ढे लक्ष्य से अधिक हो रहे थे। इसलिए उन्हें बंद करा दिया गया है।

-जीतलाल सैनी, एसडीएम, डलमऊ

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