रायबरेली : करीब 24 दिन पहले दो बालकों ने पांच साल की बच्ची के साथ दुराचार कर डाला। गैर प्रांत में काम करने वाले पीड़िता के पिता जब वापस आए तो मामले में एफआइआर दर्ज कराई गई। बच्ची को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।

एक गांव में तीन जून की शाम दो किशोर अपने पड़ोस में रहने वाली पांच साल की बच्ची को बहला फुसला कर अपने घर ले गए। उन्होंने बच्ची के हाथ-पैर बांध दिए और फिर गलत काम कर डाला। बच्ची किसी तरह अपने घर पहुंची और मां को आपबीती बताई। कुछ ही देर में मामला पूरे मुहल्ले को पता चल गया। आस पड़ोस के लोगों ने महिला पर दबाव बनाया कि एफआइआर न लिखाएं। कुछ दिनों तक तो मामला दबा रहा, लेकिन पुलिस को सूचना मिली तो कोतवाल राजेश सिंह और सीओ महिपाल पाठक उनके घर पहुंचे और पूछताछ की। तब भी महिला ने केस दर्ज कराने के लिए तहरीर नहीं दी। बेटी के साथ गलत काम होने की सूचना पर रविवार को उसके पिता भी गांव लौट आए, जोकि बेंगलुरुमें काम करते हैं। उन्होंने कोतवाली में जाकर तहरीर दी, तब मामला पंजीकृत हुआ। बच्ची और दोनों किशोरों के पिता एक साथ बेंगलुरु में काम करते हैं। कोतवाल ने बताया कि बच्ची के साथ दो बालकों ने गलत काम किया है। करीब एक सप्ताह पहले मैंने बच्ची के घर जाकर एफआइआर दर्ज कराने के लिए कहा था, लेकिन उनके द्वारा तहरीर नहीं दी गई। बच्ची के पिता ने केस पंजीकृत कराया है। पीड़िता का मेडिकल कराया जा रहा है। दोनों आरोपितों को बाल सुधार गृह भेजा जाएगा।

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