बच्चों को छह माह तक सिर्फ मां का दूध

रायबरेली : अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. अरविंद कुमार राजवंशी के निर्देश पर एम्स की ओपीडी में गुरुवार को स्तनपान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रो. भोलानाथ ने बताया कि धात्री माताओं को अपने बच्चों को छह माह तक सिर्फ मां का दूध ही सेवन कराना चाहिए। इस दौरान धात्री माताओं व गर्भवती महिलाओं की शंकाओं का समाधान स्त्री रोग विभाग की चिकित्सक डा. पारुल और डा. वंदना ने किया। बाल रोग विभाग के चिकित्सक डा. मृत्युंजय, डा. नमिता मिश्रा ने धात्री माताओं व गर्भवती महिलाओं की देखरेख में पारिवारिक सदस्यों की भूमिका पर चर्चा की। डा. सुयश सिंह, डा. नीरज श्रीवास्तव, डा. अभय सिंह, डा. सौरभ पाल, डा. मुकेश शुक्ला मौजूद रहे। मां का दूध शिशु का संपूर्ण आहार: विश्व स्तनपान सप्ताह मनाए जाने के क्रम में गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जतुआ टप्पा में विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जानकारों ने स्तनपान के लाभ बताए। शिविर में प्राविधिक स्वयं सेवक पूनम सिंह ने बताया कि प्रसूताओं कों नवजात बच्चों को प्रथम आहार के रूप में मां के दूध के लिए प्रेरित करने के लिए एक से सात अगस्त तक कदम बढ़ाओ स्तनपान की ओर, शिक्षित करें और सहयोग करें थीम पर स्तनपान सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। प्राविधिक स्वयं सेवक पवन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मां का दूध ही शिशु के लिए सर्वोत्तम आहार है, यही जानकारी देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सीएचसी अधीक्षक डा. एलपी सोनकर ने बताया कि स्तनपान के बारे में आज भी काफी संख्या में माताओं में पर्याप्त जानकारी व जागरूकता का अभाव देखा गया है। इससे बच्चों में कुपोषण सहित कई प्रकार की समस्याएं देखने को मिलती हैं। मां का दूध शिशुओं का सर्वोत्तम एवं संपूर्ण आहार है, जिसका कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है।

Edited By: Jagran