रायबरेली : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रोहनिया को हाइटेक किया जाएगा। यहां ऑक्सीजन प्लांट लगेगा। सेंट्रल लाइन बिछाकर 35 बेडों पर अनवरत ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। जल्द ही यहां कोविड हॉस्पिटल खोला जाना है।

शासन ने ऊंचाहार की रोहनिया, लालगंज की खजूरगांव, डीह और शिवगढ़ सीएचसी को कोविड हॉस्पिटल बनाने के निर्देश दिए हैं। इनमें सबसे ज्यादा तेजी से काम रोहनिया सीएचसी में हो रहा है। एनटीपीसी ने यहां 45 लीटर प्रति मिनट उत्पादन क्षमता वाला प्लांट लगाने की मंजूरी दे दी है। जरूरी मशीनें आ भी गई हैं। सेंट्रल लाइन बिछाने का काम होना बाकी है। लॉकडाउन की वजह से भी कुछ आवश्यक उपकरण नहीं मिल रहे हैं, इस वजह से देरी हो रही है। बावजूद इसके, जिम्मेदार दावा कर रहे हैं कि जल्द ही यहां कोविड हॉस्पिटल तैयार कर दिया जाएगा। कोरोना की जब पहली लहर आई थी तो इस नई बिल्डिग में 60 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया था। हालांकि इसका उपयोग न करके रेलकोच में एल-टू हॉस्पिटल खोल दिया गया था।

कोरोना की दूसरी लहर आने के बाद ऑक्सीजन की उपलब्धता वाले अस्पतालों की जरूरत महसूस हुई, जिसके बाद चार सीएचसी को कोविड हॉस्पिटल के लिए चुना गया है। एनटीपीसी से सहायता मिलने के कारण यहां पर काम तेजी से हो रहा है।

ऊंचाहार सीएचसी के अधीक्षक डॉ. एमके शर्मा के पास रोहनिया सीएचसी का अतिरिक्त प्रभार है। उन्होंने बताया कि यहां तीन डॉक्टर, दो स्टाफनर्स और अन्य स्टाफ की तैनाती अभी है। कोविड हॉस्पिटल खोलने पर जरूरत के हिसाब से डॉक्टर और कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम प्रगति पर है।

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