रायबरेली : खाकी वर्दी वाले हेलमेट में नहीं दिखे। आम-खास भी तीन-तीन लोगों को बैठाकर चलते रहे। डग्गामारी थमी नहीं। पुलिस दौड़ी खूब, बड़े चौराहों पर चेकिग भी हुई। मगर, वहां वही फंसे जो रोक-टोक पर रुकते और कागजात दिखाने वाले थे। हां, यातायात माह के पहले दिन शहर में कुछ भी बदला-बदला नहीं दिखा। हर तरफ नियम और सख्ती का मखौल उड़ता रहा।

वैसे तो पुलिस लाइंस में यातायात के नियमों के अनुपालन के लिए गोष्ठी का आयोजन किया गया। एसपी स्वप्निल ममगाईं ने कार्यक्रम में आए स्काउट, गाइड, एनसीसी कैडेट और व्यापारियों को हाल ही में यातायात नियमों में हुए संशोधन की जानकारी दी। साथ ही बाइक पर हेलमेट और कार में सीट बेल्ट लगाने की सलाह दी। बताया कि इससे सड़क हादसों में कमी आती है। दुर्घटना में घायल बाइक सवारों को हेड इंजरी यानी सिर में चोट लगती है। ऐसे केस में अधिकांशत: लोगों की मौत हो जाती है। अगर हेलमेट लगाकर बाइक चलाई जाए तो हेड इंजरी से बचा जा सकता है। उन्होंने सीट बेल्ट लगाने के फायदे भी गिनाए। मगर, दूसरी ओर शहर से लेकर गांव तक कुछ खास बदलाव नहीं दिखा। चेकिग से थोड़ा अफरातफरी का माहौल जरूर रहा। सीओ ट्रैफिक बोले,

यातायात नियमों के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। नियम सबके लिए हैं, चाहे वो पुलिसकर्मी हो या आम आदमी। पुलिसवाले अगर नियम तोड़ते हैं तो उन पर दोगुना जुर्माना लगाने का कानून है।

गोपीनाथ सोनी, क्षेत्राधिकारी यातायात

Posted By: Jagran

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