रायबरेली : दीपावली की तैयारियां शुरू हो गई हैं। ऐसे में घर हो या फिर प्रतिष्ठान, सजाने-संवारने के लिए हर कोई मशगूल हो गया है। खासतौर पर रंगरोगन का काम तेजी से चल रहा है। कोरोना महामारी में आर्थिक संकट से जूझ रहे पेंट कारोबार में अचानक तेजी आ गई। खासतौर पर अब लोग ब्रांडेड रंगों में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इस दौरान महंगाई का भी असर देखने को मिल रहा है। पिछले साल की तुलना में इस बार 10 से 15 फीसद की बढ़ोतरी हुई है।

इनसेट

पेंट से लेकर मजदूरी तक पर महंगाई का असर घर की रंगाई-पोताई कराना आसान नहीं है। पेंट ही नहीं, मजदूरी से भी जेब पर भार पड़ रहा है। 20 किलो का ब्रांडेड डिस्टेम्पर 800 रुपये, जबकि साधारण डिस्टेम्पर 650 रुपये में है। एनामेल पेंट 240 रुपये प्रति लीटर ब्रांडेड और 190 रुपये साधारण है। ह्वाइट सीमेंट 300 से 500 रुपये प्रति बोरी है। खुशबू वाले पेंट की बाल्टी करीब दो हजार रुपये की है। वहीं, मजदूरी 400 रुपये से 600 रुपये है। इसके अलावा ब्रश 90 से 150 रुपये और इमल्शन का ब्रश 200 से 250 रुपये में उपलब्ध है। कूची के दाम 15 से 25 रुपये हैं।

पांच साल तो किसी का तीन साल का दावा कंपनियों द्वारा लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए तमाम दावे किए जा रहे हैं। बारिश में सीलन का असर नहीं तो कोई पांच साल तक चलने की बात कह रहा है। हालांकि, इनके दाम भी काफी ज्यादा हैं। ऐसे में लोग साधारण और अपने जेब के अनुसार ही खरीदारी कर रहे हैं। पहले दीपावली में लोग घरों की साफ-सफाई के साथ ही रंगरोगन भी कराते थे। अब ऐसा माहौल नहीं रहा। कोरोना महामारी में पेंट व्यापार को काफी प्रभावित किया है। हालांकि, इस बार कुछ खरीद बढ़ी जरूर है।

दीपू गुप्त, व्यापारी पिछले दो साल से कारोबार काफी प्रभावित हुआ है। इस बार दाम भी काफी बढ़ गए हैं। इससे लोग कम आते हैं। इस बार कुछ बेहतर होने की उम्मीद है।

मो. हसीम, व्यापारी

Edited By: Jagran