रायबरेली : मकर संक्रांति बुधवार को आस्था और उल्लास के साथ मनाई गई। गंगा तटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। स्नान के बाद पूजा-अर्चना और अन्न, वस्त्र आदि का दान देकर सुख समृद्धि की कामना की। वहीं घरों में भी लोगों ने तड़के ही स्नान कर लिया। विधिविधान से पूजा-अर्चना के बाद खिचड़ी का दान किया। इसके बाद पतंगबाजी का सिलसिला शुरू हुआ, जो दिन भर चलता रहा। इस दौरान जगह-जगह खिचड़ी भोज के आयोजन भी हुए। इसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

जिले के डलमऊ स्थित गंगा घाटों पर सबसे अधिक भीड़ रही। इसके अलावा सरेनी के गेंगासो, रालपुर, शिवपुरी, ऊंचाहार के गोला, गोकना, तीर का पुरवा आदि घाटों पर लोगों ने स्नान किया। उसके बाद पुरोहितों को खिचड़ी, तिल, फल, घी, वस्त्र आदि दान देकर कुटुंब के कल्याण की कामना की। बड़ा मठ के महामंडलेश्वर स्वामी देवेंद्रानंद गिरि ने मकर संक्रांति (खिचड़ी) पर्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सूर्य व पवित्र नदियों की आराधना एवं अन्न के सम्मान के रुप में यह पर्व मनाया जाता है। इस दौरान 11 गरीबों को कंबल वितरित किए। इस मौके पर ब्रह्मचारी दिव्यानन्द गिरि, रामचैतन्य, गीतानंद गिरि आदि मौजूद रहे। लालगंज कस्बे के पुरानी गल्ला मंडी के सामने दाल व्यवसायी राधारमन गुप्ता ने चाय वितरित कराई। राही ब्लॉक के बेलाटेकई में मेले का आयोजन हुआ।

खिचड़ी भोज में उमड़े लोग

शहर के सुपर मार्केट में मकर संक्रांति पर गरीबों को भोजन कराया गया। दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में खिचड़ी भोज के साथ ही 125 लोगों को कंबल बांटे गए। इस मौके पर सुरेंद्र कुमार शुक्ला, पुजारी भीमशंकर द्विवेदी, अनमोल श्रीवास्तव, प्रकाश सिंह, शंकर वर्मा, अभिमान आदि मौजूद रहे। मेला एवं रामलीला समिति चतुर्भुजपुर द्वारा खिचड़ी भोज का आयोजन हुआ। इस दौरान गरीब बच्चों को पतंग वितरण किया गया। इस मौके पर राजेश श्रीवास्तव, सुरेंद्र श्रीवास्तव, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, अम्बुज, बृजेंद्र, रितांसु, दीपक, सुनील, अर्चना, किरन, माला, अनीता, अंजली आदि मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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