रायबरेली : प्रसूताओं को बेहतर चिकित्सीय सेवाएं मिलें, इसके लिए जिला महिला अस्पताल को कायाकल्प अवार्ड मिल सकता है। इसी के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा चार सदस्यीय टीम को ग्रेडिग के लिए भेजा गया है। अगर अस्पताल को तय मानक के अनुरूप 70 फीसद अंक मिलते हैं तो यहां व्यवस्थाएं और दुरुस्त करने के लिए तीन लाख से 50 लाख तक प्रोत्साहन राशि केंद्र सरकार द्वारा मिलेगी।

गुरुवार को किग जार्ज मेडिकल कॉलेज से डॉ. परवेज और एसजीपीजीआइ से डॉ. डी देवनाथ, डॉ. राजेश और डॉ. विमल चौरसिया की टीम महिला अस्पताल पहुंची। सीएमएस डॉ. रेनू वर्मा, कायाकल्प के कंसल्टेंट डॉ. रविकांत की टीम ने उन्हें ऑपरेशन थियेटर, लेबर रूम और वार्ड का निरीक्षण कराया। यह प्रदेश स्तरीय दल है जोकि अस्पताल का इंफ्रास्ट्रक्चर, मरीजों को दी जाने वाली सुविधाएं, साफ-सफाई, दस्तावेजों के रखरखाव, लेबर समेत छह बिदुओं को देख रही है। दो दिन में अस्पताल की मार्किंग कर टीम ये रिपोर्ट नेशनल हेल्थ मिशन के अधिकारी को सौंप देगी। उसी आधार पर ये तय होगा कि अस्पताल को कायाकल्प योजना के तहत चुना गया है या नहीं।

बता दें कि नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेट इस अस्पताल को मिल चुका है। जिसके तहत प्रति बेड प्रति वर्ष दस हजार रुपये मिलेंगे। जोकि चिकित्सा सेवाओं को बेहतर करने में खर्च किए जाएंगे। तीन वर्षों को ये प्रोत्साहन राशि अस्पताल को मिलती रहेगी मगर, शर्त ये होगी कि व्यवस्थाएं पहले से बेहतर हों न की गड़बड़ी। उधर, यूपी में सबसे टॉप पर यहां का लेबर रूम रहा, जिसके लिए भी तीन लाख की प्रोत्साहन राशि महिला अस्पताल को मिलने वाली है। इसी क्रम में अगर कायाकल्प अवार्ड मिलता है तो ये अस्पताल अतिविशिष्ट श्रेणी में शामिल हो सकता है।

कोट

हमारा प्रयास है कि जिला महिला अस्पताल का चयन कायाकल्प अवार्ड के लिए हो। मरीजों का उपचार हो या फिर साफ-सफाई की व्यवस्था। सबकुछ यहां चुस्त-दुरुस्त है। प्रदेश स्तरीय टीम ग्रेडिग करने आयी है। दो दिन में पड़ताल कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

-डॉ. रेनू वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक महिला अस्पताल

Posted By: Jagran

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