रायबरेली : शहर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था कितनी मजबूत है, यह सामने आ गया। मंगलवार की रात बूंदाबांदी शुरू हुई नहीं कि बत्ती गुल हो गई। यही हाल बुधवार की सुबह भी रहा। हवा का हल्का झोंका आया और आपूर्ति ठप। इस तरह की व्यवस्था से शहरवासियों में नाराजगी है।

शहर के राजघाट व आसपास के कई मुहल्लों में रात भर अंधेरा छाया रहा। तेलियाकोट उपकेंद्र से इस इलाके को बिजली आपूर्ति की जाती है। बारिश के शुरू होते ही बत्ती गुल हो गई। फिर सुबह करीब नौ बजे बिजली आई। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। इसी तरह बुधवार की दोपहर इंदिरा नगर बिजली उपकेंद्र का फिरोज गांधी फीडर करीब तीन घंटे तक बंद रहा। बताते हैं कि विकास भवन के सामने इस फीडर की लाइन पर पेड़ों की डाल आ गई थी। सूचना पर जेई जय प्रकाश अपने कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। पेड़ों की छंटाई कराई। इसके बाद आपूर्ति बहाल हुई, मगर ट्रिपिग फिर भी होती रही। इसी तरह गोरा बाजार, प्रगतिपुरम और आइटीआइ बिजली उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में भी बिजली की समस्या रही।

आखिर कहां जाता बजट

बिजली विभाग की ओर से लाइनों के किनारे लगे पेड़ों की छंटाई कराने की व्यवस्था है, ताकि पेड़ों की डालें बिजली आपूर्ति में बाधा न बनें। मगर अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि काम होता नहीं और बजट खर्च हो जाता है। इसका दंश उपभोक्ताओं को झेलना पड़ रहा है।

नहीं उठा एक्सईएन का फोन

इस संबंध में बात करने के लिए विद्युत वितरण खंड प्रथम के एक्सईएन ओपी सिंह के सीयूजी मोबाइल पर फोन मिलाया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। जिसके चलते उनसे संपर्क नहीं हो सका। उधर, अधीक्षण अभियंता पंकज श्रीवास्तव का कहना है कि पेड़ों की छंटाई न होने का मामला संज्ञान में नहीं है। इसे दिखवाया जाएगा।

Posted By: Jagran

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