रायबरेली : सावन माह की पूर्णिमा के अवसर पर सोमवार को गंगा घाटों पर काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सभी ने भोर में गंगा में डुबकी लगाकर सूर्य को अ‌र्घ्य दिया।

गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने तट पर स्थित विभिन्न देवी-देवताओं का पूजन-अर्चन कर अपने कुटुंब के कल्याण की कामना की। बड़ा मठ के महामंडलेश्वर स्वामी देवेंद्रानंद गिरि ने कहा कि इस दिन गंगा स्नान के बाद गाय, पशु-पक्षी, गरीबों को भोजन कराने से व गाय के दूध से बनी खीर का प्रसाद भगवान शिव को अर्पित करने से प्रतिकूल ग्रह शांत हो जाते हैं। साथ ही भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।

शारीरिक दूरी का नहीं हुआ पालन

पूर्णिमा स्नान के दौरान स्थानीय प्रशासन की ओर से की गई तैयारियां बौनी साबित हुई। पुलिसकर्मी जरूर मौजूद थे। फिर भी शारीरिक दूरी का पालन नहीं किया गया। वहीं मुराईबाग चौराहे पर लोगों को जाम की समस्या से भी जूझना पड़ा।

संपन्न हुआ श्रावणी कर्म

सावन माह की पूर्णिमा के अवसर पर बड़ा मठ में आचार्यों के द्वारा श्रावणी कर्म संपन्न कराया गया। ब्रह्मचारी दिव्यानंद गिरि ने बताया कि पौराणिक मान्यता के अनुसार सावन माह की पूर्णिमा के अवसर पर यज्ञोपवीत के बाद ब्रह्मचारी को वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ पंचगव्य पिलाया जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से साधक के वर्ष भर के पाप नष्ट हो जाते हैं।

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