दो साल में नहीं बनवा पाए अंत्येष्टि स्थल, डीपीआरओ ने रोका वेतन

रायबरेली : शासन की ओर से गांवों में अंत्येष्टि स्थल बनवाए जा रहे हैं, लेकिन यहां कुछ ब्लाकों में इसे लेकर उदासीनता बरती जा रही है। अमावां, सतांव और डलमऊ में बजट मिले दो साल बीत गए, लेकिन अब तक अंत्येष्टि स्थल तैयार नहीं हुए। इस लापरवाही पर डीपीआरओ ने अमावां के प्रभारी सहायक विकास अधिकारी पंचायत और तीन ग्राम विकास अधिकारियों का जुलाई का वेतन रोक दिया है। अमावां ब्लाक के डिडौली, समरहदा, डलमऊ के कुंडवल और सतांव की ग्राम पंचायत मलिकमऊ चौबारा में अंत्येष्टि स्थल बनने थे। शासन की ओर से वित्तीय वर्ष 2020-21 में ही इनके लिए बजट जारी कर दिया गया था। पंचायती राज विभाग के निदेशालय से यह बजट ग्राम पंचायतों की ग्राम निधि में हस्तांतरित भी कर दिया गया था। इसके बाद भी ग्राम पंचायतों में तैनात ग्राम विकास और ग्राम पंचायत अधिकारियों ने काम में तेजी नहीं दिखाई, जबकि समय-समय पर डीपीआरओ और उप निदेशक इसके लिए निर्देशित करते रहे हैं। लापरवाही का हाल यह है कि दो साल में 25 फीसद काम भी पूरा नहीं हुआ। 15 दिन के अंदर काम पूरा कराने के निर्देश डिडौली में ग्राम पंचायत अधिकारी महेंद्र कुमार शुक्ल की तैनाती है। उनके पास ब्लाक के सहायक विकास अधिकारी पंचायत का भी अतिरिक्त चार्ज है। इसके अलावा समरहदा में ग्राम विकास अधिकारी नाहिद अनवर, कुंडवल में अशोक कुमार और मलिकमऊ चौबारा में ग्राम विकास अधिकारी शैलेंद्र की तैनाती है। डीपीआरओ गिरीश चंद्र ने न सिर्फ इन सचिवों का वेतन रोका है, बल्कि कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिवों को 15 दिन के अंदर कार्य पूर्ण कराने और इसमें हुए विलंब का जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। इस पर अमल न हुआ तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी। गिरीश चंद्र, जिला पंचायत राज अधिकारी

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