संवादसूत्र, बछरावां (रायबरेली) : मानसून के दस्तक देने के साथ ही कस्बे की गलियां व सड़कें जलभराव की जद में आ गई थी। जैसे-जैसे बारिश ने तेजी पकड़ी उसी रफ्तार में पानी ने विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया। कस्बे के कुछ मोहल्लों में सड़कों का पानी लोगों के घरों में घुस गया। कस्बे के कूटी मोहल्ला, आदिनगर, पानी टंकी बाइपास मार्ग पर रहने वाली लगभग एक हजार आबादी जलभराव से अपने घरों में कैद होने को मजबूर है। कस्बे में हुए जलभराव ने नगर पंचायत की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है, जिससे कस्बे के लोगों में खासा आक्रोश व्याप्त है। एक माह से जलमग्न पानी टंकी बायपास मार्ग

पानी टंकी बाइपास मार्ग बांदा-बहराइच हाईवे को लखनऊ इलाहाबाद हाईवे से जोड़ने वाला मार्ग है। इस मार्ग के आसपास लगभग कस्बे की एक हजार आबादी निवास करती है। गड्ढों में तब्दील मार्ग छोटे जलाशयों के रूप में दिखाई पड़ता था जो अब झील जैसा हो गया है। लगभग एक माह से बाइपास जलमग्न है। वहीं, आसपास की गलियां भी पूरी तरीके से डूबी हैं। एक महीने से इस बाइपास से आवागमन भी ठहरा हुआ है। बच्चे हो रहे शिक्षा से दूर

कस्बे के आदिनगर, कूटी मोहल्ला, बेड़ियन टोला के बच्चे लगभग एक माह से अपने विद्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं। स्कूल पहुंचने के सभी रास्तों में पानी भरा हुआ है। कस्बे के जलभराव वाले इस क्षेत्र में कस्बे के दो निजी विद्यालय भी हैं जहां लगभग 600 बच्चे शिक्षा प्राप्त करते हैं। जलभराव के चलते विद्यालयों में शिक्षण कार्य बाधित है। लोगों का जीना मुहाल हो गया है, फिर भी प्रशासन लोगों की समस्या से अनभिज्ञ बना बैठा है। मंडरा रहा संक्रामक बीमारियों का खतरा

अस्पताल अधीक्षक एके जैसर ने बताया कि जलभराव के चलते मच्छर जनित बीमारियां पनप सकती हैं। मच्छरदानी का उपयोग करें, लोगों को पानी को उबालकर पीना चाहिए, जिससे उल्टी व दस्त की शिकायत होने से बचा जा सकता है। वायरल बीमारियों का भी खतरा बढ़ सकता है। जलभराव से ग्रसित क्षेत्र के लोगों को साफ सफाई संबंधित एहतियात बरतने की सख्त आवश्यकता है। ओनई गांव में जलभराव, कीचड़ और दुर्गध

संवादसूत्र, सतांव : ब्लॉक क्षेत्र की ओनई पहाड़पुर ग्रामसभा के ओनई गांव में बांदा-बहराइच मार्ग से करीब दस वर्ष पूर्व बने ओनई मस्जिद संपर्क मार्ग की बदहाल स्थिति से मुहल्लेवासी नरकीय जीवन जीने को मजबूर है। करीब 10 वर्ष पूर्व बनी यह सड़क शुरुआत से ही जलनिकासी की समुचित व्यवस्था ना होने के कारण बदहाली का शिकार है। जलभराव, कीचड़ और सड़न भरी दुर्गंध में जीने को मजबूर मुहल्ले वासियों ने अपनी इस समस्या की शिकायत ग्रामप्रधान से लेकर बीडीओ तक से की लेकिन किसी ने भी इस समस्या के निवारण के लिए अभी तक कोई प्रयास नहीं किया। मुहल्ले में पिछले कई वर्षों से बरसात के बाद संक्रामक बीमारियां पैर पसार लेती है। संक्रामक बीमारियों के कारण कई मौत भी हो चुकी है।

Posted By: Jagran