रायबरेली : शनिवार की सुबह भाजपा जिला कार्य समिति सदस्य संतोष पांडेय जिलाधिकारी आवास पर धरने पर बैठ गए। आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में मरीजों का सही ढंग से इलाज नहीं किया जा रहा। खुलेआम शोषण हो रहा। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम वैभव श्रीवास्तव तत्काल जिला अस्पताल पहुंच गए। डाक्टर नदारद मिले जबकि बिचौलियों की मौजूदगी रही। इस पर उन्होंने सीएमएस को सख्त लहजे में चेताया कि व्यवस्था सुधारिए।

डीएम के निरीक्षण के दौरान हड्डी रोग विभाग की ओपीडी में दो बिचौलिए मिले, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। ईएनटी सर्जन डॉ. शिव कुमार, वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. बीरबल और फिजीशियन डॉ. अभिजीत सैनी ओपीडी में नहीं मिले। सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव ने बताया कि डॉ. बीरबल अवकाश पर हैं। बाकी डॉक्टर क्यों समय से नहीं आए, इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। निरीक्षण के दौरान एसपी श्लोक कुमार भी मौजूद थे।

बिचौलिये साठगांठ कर करते शोषण, मची खलबली

डीएम के अचानक अस्पताल पहुंचने से बिचौलियों में खलबली मच गई। बताते हैं कि लगभग सभी डॉक्टरों के पास दवा व्यवसायियों के यहां काम करने वाले युवक जमे रहते हैं। मरीज के पर्चे पर बाहर की दवाइयां भी वही लिखते हैं। एक रुपये के पर्चे पर एक हजार तो कभी दो हजार तक की दवाइयां लिख दी जाती हैं। निश्शुल्क इलाज की आस लेकर आने वालों को सरेआम ठगा जाता है। इसकी शिकायत कई बार सीएमएस से की जा चुकी है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती। यही कारण है कि बड़े पैमाने पर मरीजों को बाहर की महंगी दवाइयां लिखी जा रही हैं।

डॉ. अभिजीत सैनी वार्डों के राउंड पर थे, उन्होंने बाद में आकर रजिस्टर पर दस्तखत किए। जो डॉक्टर समय से नहीं आए हैं, उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

डॉ. एनके श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक

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