रायबरेली : पिछले तीन दिन से मौसम बदल रहा है। शनिवार को आंधी और फिर रविवार को बूंदाबांदी से तेज गर्मी और उमस से कुछ पल के लिए राहत मिल गई है। इसके साथ ही संक्रामक रोग का खतरा भी बढ़ने लगा है। इसका असर जिला अस्पताल में दिखने लगा है। डायरिया और बुखार के रोगी ज्यादा पहुंच रहे हैं। यहां पर तक वार्ड के बेड भी फुल होने लगे हैँ। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही किसी को भी भारी पड़ सकती है।

वैसे तो बरसात का मौसम अपने साथ कई बीमारियों को आमंत्रित करता है, क्योंकि इस मौसम में संक्रमण फैलने का सबसे अधिक खतरा होता है। इस मौसम में बारिश की वजह से कई स्थानों पर कीचड़, गंदगी से मच्छर और बैक्टीरिया की संख्या बढ़ने लगती है। यही नहीं यह बैक्टीरिया खाद्य पदार्थों को दूषित कर शरीर की बीमारियों का कारण बनते हैं। ऐसे में अगर अधिक सर्तकता नहीं बरती गई तो परेशानियां और बढ़ सकती हैं। बदले मौसम को ध्यान देते हुए बड़े, बुजुर्ग और बच्चों सभी को ध्यान देने की जरूरत है। ओपीडी में बढ़ने लगे रोगी

जिला अस्पताल में तैनात हृदयरोग विशेषज्ञ डा. सलीम ने बताया कि बदले मौसम में रोगियों की संख्या में इजाफा होने लगा है। अपराह्न 12.30 बजे तक 52 रोगी आ चुके हैं। इसमें अधिकांश डायरिया, बुखार से पीड़ित रहे। इस दौरान खानपान में विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। फूड प्वाइजनिग, डायरिया, चक्कर आना, उल्टी होना, ब्लड प्रेशर का कम हो जाने के साथ ही बुखार हो सकता है।

बुखार होने पर बरतें सतर्कता

बारिश तो कभी तेज धूप। तापमान में बार-बार बदलाव से डेंगू, मलेरिया आदि का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सावधानी रखना बहुत जरूरी है। बुखार को अक्सर वायरल समझ लिया जाता है। कभी-कभी यह डेंगू या फिर मलेरिया की वजह से भी हो सकता है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आंखों को ऐसे रखें सुरक्षित

बारिश में आंखों का लाल होना, कीचड़, सूजन आदि समस्याएं आने लगी हैं। ऐसे में इन्हें सुरक्षित रखने के लिए अपने आंखों को सामान्य पानी से बार-बार धोएं। इसके अलावा त्वचा पर इस्तेमाल होने वाली तौलिया साफ-सुथरा होना चाहिए।

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बदले मौसम में संक्रामक रोग का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सतर्कता बेहद जरूरी है। जिला अस्पताल में रोगियों के लिए पर्याप्त बेड और दवाएं उपलब्ध हैं।

डा. नीता साहू, सीएमएस

Edited By: Jagran