रायबरेली : जिले की बछरावां विधानसभा सीट सुरक्षित है। यहां 1991 तक कांग्रेस ने अपनी पकड़ जमाए रखी। पहले रामदुलारे कुरील तो फिर शिवदर्शन जनता के भरोसे पर खरे उतरे और लगातार प्रतिनिधित्व किया। 1993 के चुनाव में भाजपा ने भी अपनी जड़ें जमाई और राजाराम त्यागी जीतकर सदर पहुंचे। यहां की जनता ने सपा, भाजपा को दो-दो बार तो बसपा को भी एक बार सिर आंखों पर बैठाया। 1996 में पहली बार बसपा का खाता खुला और श्यामसुंदर भारती विधायक बने। 2002 में जनता ने सपा पर भरोसा जताकर रामलाल अकेला को मौका दिया। धार्मिक स्थल

बछरावां कस्बे से 16 किमी की दूरी पर स्थित है भंवरेश्वर मंदिर। मंदिर का सैकड़ों वर्ष पुराना इतिहास है और मंदिर में पूजन के लिए कई प्रदेशों से लोग पहुंचते हैं। सई तट पर स्थित मंदिर की महिमा का बखान हर शख्स की जुबान पर रहता है। भंवरेश्वर मंदिर को एक करोड़ की लागत से पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव पारित हुआ। अभी इनकी दरकार

कस्बे का बस स्टेशन लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर स्थित है। लखनऊ, बाराबंकी, प्रयागराज, सुलतानपुर, रायबरेली, फतेहपुर के लिए लोगों को यहीं से बस मिलती है। हर समय काफी संख्या में यात्रियों की आवाजाही रहती है। इसके बाद भी बस स्टेशन काफी बदहाल है। तमाम प्रयासों के बाद भी यहां के लोगों का एक सुसज्जित बस स्टेशन का सपना पूरा न हो सका। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की जरूरत

क्षेत्र में शिक्षा के नाम पर मात्र एक कस्बा स्थित दयानंद बछरावां पीजी कालेज है। शिवगढ़ में आइटीआइ कालेज शुरू हो चुका है, जबकि पालीटेक्निक का अभी मात्र उद्घाटन किया गया। उच्च शिक्षा के लिए यहां के लोग लखनऊ की ओर रुख करते हैं। लखनऊ, बाराबंकी जिले से सटा क्षेत्र होने के नाते यहां शिक्षा के क्षेत्र में और व्यापक सुधार की दरकार है। रोजगार के लिए बड़े शहरों की दौड़

सपा, बसपा, भाजपा और कांग्रेस पर यहां की जनता ने भरोसा जताया। उन्हें उम्मीद थी कि जनप्रतिनिधि युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार दिलाने में सफल होंगे, लेकिन आज भी यहां के युवाओं को रोजगार की दरकार है। यहां के सैकड़ों लोग प्रतिदिन रोजी रोटी के लिए लखनऊ, कानपुर आते जाते हैं। नंबर गेम

एक नजर में मतदाता

कुल मतदाता- 3,36,456

पुरूष मतदाता- 1,76,308

महिला मतदाता- 1,60,134

थर्डजेंडर मतदाता- 14 177- विधानसभा क्षेत्र बछरावां (अ.जा.)

कुल मतदान केंद्र - 220

कुल बूथ- 382

वल्नरेबल बूथ- 05

क्रिटिकल बूथ- 45 कब कौन बना विधायक

साल -- उम्मीदवार का नाम -- पार्टी

2017 --रामनरेश रावत -- भाजपा

2012 -- रामलाल अकेला -- सपा

2007 -- राजाराम त्यागी -- कांग्रेस

2002 -- रामलाल अकेला -- सपा

1996 -- श्यामसुंदर भारती -- बसपा

1993 -- राजाराम त्यागी -- भाजपा

1991 -- शिवदर्शन -- कांग्रेस

1989 -- शिवदर्शन -- कांग्रेस

1985 -- शिवदर्शन -- कांग्रेस

1980 -- शिवदर्शन -- कांग्रेस

1977 -- रामदुलारे -- कांग्रेस

1974 -- रामदुलारे कुरील -- कांग्रेस

1969 -- रामदुलारे -- कांग्रेस

1967 -- रामदुलारे -- कांग्रेस

Edited By: Jagran