दहशत में भाजपा नेता, खोजे नहीं मिल रहे हमलावर

रायबरेली: भाजपा नेता पर हमला करने वालों का अब तक सुराग नहीं लगा है। एसपी ने एहतियातन उन्हें सुरक्षाकर्मी उपलब्ध करा दिए हैं। हमले के बाद से नेता दहशत में हैं। एसओजी और शहर पुलिस अब तक 100 से ज्यादा सीसी कैमरे खंगाल चुकी है, लेकिन हाथ कोई अहम सुराग नहीं लगा है। वहीं शहर के बीचोबीच हुए हमले की घटना ने पुलिस की सक्रियता के दावों को भी सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। इंदिरा नगर निवासी अनीता श्रीवास्तव भाजपा की नेता हैं, जोकि 2017 में सदर विधानसभा से चुनाव भी लड़ चुकी हैं। वह गुरुवार की रात महिला अस्पताल किसी मरीज का हाल जानने गई थी। उनकी गाड़ी अस्पताल के बाहर खड़ी थी। इसी बीच बाइक सवार तीन बदमाश वहां पहुंचे और गाड़ी में तोड़फोड़ करने लगे। यह बात अनीता को पता चली तो वह अस्पताल के बाहर आई और युवकों को रोकना चाहा। अनीता को सामने देख युवकों ने असलहा निकाल लिया और फायर करने लगे। वह किसी तरह भागकर अस्पताल के भीतर चली गईं, जिससे उनकी जान बची। हमलावर उन्हें जानमाल की धमकी देते हुए भाग निकले। शहर के भीतर कोतवाली से चंद मिनटों की दूरी पर सनसनीखेज वारदात होने से लोगों में दहशत फैल गई। भाजपा नेता हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए वहीं धरने पर बैठ गईं। बाद में पुलिस अधिकारियों के समझाने पर वह कोतवाली गईं और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले की एफआइआर दर्ज कराई। शुक्रवार को कप्तान ने भी मौके पर जाकर घटना की तहकीकात की। अनीता के पक्ष में वकील लामबंद सेंट्रल बार एसोसिएशन के महामंत्री अमरेंद्र सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र देकर एडवोकेट अनीता श्रीवास्तव पर हमला करने वालों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के पदाधिकारी भी अनीता पर हुए हमले को लेकर आक्रोशित दिखे। शुक्रवार को बैठक के बाद अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। बैठक में सुशील कुमार श्रीवास्तव, पद्म प्रसाद श्रीवास्तव, धर्मेंद्र शुक्ल, सुनील श्रीवास्तव, चंद्रशेखर शुक्ल मौजूद रहे। भाजपा नेता पर हुए हमले की गहनता से जांच हो रही है। हमलावरों की तलाश की जा रही है। जल्द ही घटना की सत्यता सामने होगी। आलोक प्रियदर्शी, पुलिस अधीक्षक

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