रायबरेली : बूथों पर मूलभूत सुविधाएं हो, इसके निर्देश हैं। कम से कम बिजली, पानी, रैंप समेत अन्य व्यवस्थाएं तो होनी ही चाहिए। ज्यादातर मतदान केंद्र इन्हीं समस्याओं से घिरे हैं। बड़े-बड़े अफसर भी केंद्रों तक दौड़ रहे, समस्याओं से रुबरू भी हो रहे, लेकिन सिर्फ दुरुस्त कराने के निर्देश देकर जिम्मेदारी से छुटकारा पाया जा रहा है। गुरुवार को दैनिक जागरण टीम ने मतदान केंद्रों की पड़ताल की तो हकीकत सामने आई। मतदान केंद्रों की तैयारियां आधी अधूरी हैं। रास्ते में कहीं बोल्डर पड़े तो कहीं पगडंडी से होकर मतदाताओं को पहुंचना होगा। दृश्य- एक

फोटो संख्या-- 14 परसुरामपुर ठेकहाई प्राथमिक विद्यालय में बने मतदान केंद्र में 745 मतदाता मतदान करते हैं। यहां परसुराम ठेकहाई, गोदराही का बाग, पूरे भुजवन, पूरे दलहा व पूरे प्रताप सिंह गांव के मतदाता वोट डालेंगे। इन वोटरों का केंद्र तक पहुंचना आसान नहीं होगा। करीब 300 मीटर मार्ग पर बड़े- बड़े बोल्डर पड़े हैं। इनसे होकर ही मतदाता हो या अधिकारी सभी को जाना होगा। दृश्य- दो प्राथमिक विद्यालय रामीपुर मतदान केंद्र में मतदाताओं को माइनर की मेड़ व बाग से होकर जाना पड़ेगा। हर साल पगडंडी से होकर ही लोग वोट देने जाते हैं। ग्रामीणों ने कई बार रास्ता बनवाने की मांग की, लेकिन जिम्मेदारों ने हमेशा अनसुना कर दिया। मतदान केंद्र में बना शौचालय भी काफी जर्जर है और चहारदीवारी भी नहीं है। इस ओर भी अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं। दृश्य- तीन प्राथमिक विद्यालय माधवपुर निनैया में बने मतदान केंद्र बना है। जलनिकासी व्यवस्था न होने के कारण इस गांव की सड़क में हमेशा पानी भरा रहता है। कीचड़ से लोग बच बचाकर निकलते हैं। इस समस्या को अधिकारी भी जानते हैं, लेकिन अभी तक दूर कराने की कोशिश नहीं की गई। ------------------

मतदान केंद्रों की व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। जिन मतदान केंद्रों में रास्ता, शौचालय की समस्या है, उसे दूर कराया जाएगा।

चंद्रशेखर यादव, तहसीलदार सलोन

Edited By: Jagran