रायबरेली : बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर सेंट्रल बार के अधिवक्ता हड़ताल पर रहे। दीवानी न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर जमकर नारेबाजी भी की।

सेंट्रल बार के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह भदौरिया ने कहा कि अधिवक्ताओं पर हमले कतई बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। प्रदेश के विभिन्न जिलों में जहां-जहां वकीलों की हत्या हुई है, उनके परिवार के सदस्यों को उचित मुआवजा और सरकारी नौकरी दे। एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को जल्द से जल्द लागू किया जाए। महामंत्री शशिकांत शुक्ल ने कहा कि जिस तरह प्रदेश में अधिवक्ताओं पर आपराधिक घटनाएं घटित हो रही हैं, इससे प्रतीत है कि अपराधियों में कानून का भय खत्म होता जा रहा है। महोबा के अधिवक्ता मुकेश पाठक, मेरठ के वकील ओंकार सिंह तोमर पर अराजकतत्वों ने इस कदर दबाव बनाया कि उन्हें आत्महत्या करनी पड़ी। पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार से ऐसे अपराधियों पर अविलंब कार्रवाई की मांग की गई है। उपाध्यक्ष आदित्य प्रसाद गुप्ता, बृजेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार चौधरी, अनिल प्रजापति, देवेश शुक्ल, सुनील सिंह मेजर, मयंक मिश्र, इसरार अहमद, हरिश्चंद्र शर्मा, विकास त्रिपाठी, समीर भारती शामिल रहे। मारपीट में चार घायल, छह पर रिपोर्ट दर्ज

खीरों : दो गांवों में शुक्रवार की देर शाम हुई मारपीट में तीन महिला सहित चार लोग घायल हो गए। देवन्ना निवासी आसमा खातून ने आरोप लगाया कि गांव की रजबुन उनकी बेटी समा, शबनम और रानी ने लाठी डंडों से उसकी पिटाई कर दी। बचाने आई बेटी आशमा खातून और आफरीन को भी पीट दिया। दूसरी घटना में बेहटा सातनपुर निवासी राम किशुन को सुखदेव व महादेव ने पुरानी रंजिश में पिटाई कर दी। प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह ने बताया कि पीड़ितों की तहरीर के आधार पर छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

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