रायबरेली, जागरण संवाददाता : प्रदेश सरकार ने धान बिक्री करने के लिए खरीद केंद्र आने वाले किसानों को भले ही तुरंत भुगतान करने का निर्देश जारी कर रखा है। लेकिन स्थिति यह है कि जिले के सरकारी धान खरीद केंद्रों पर किसानों को भुगतान नहीं किया जा रहा है। पीसीएफ, खाद्य एवं विपणन समेत कई एजेंसियां किसानों का भुगतान समय से नहीं कर रही हैं।

जिले में 56 सरकारी केंद्रों पर अब तक दस हजार मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदा गया है। पीसीएफ और अन्य एजेंसियां किसानों का भुगतान नहीं कर रही है। जगतपुर, ऊंचाहार, लालगंज, हरचंदपुर आदि क्षेत्रों में खुले पीसीएफ केंद्रों पर धान तो खरीद लिया गया है। लेकिन भुगतान के लिए संबंधित बैंकों के खाते में रुपया नहीं है। किसानों के कहने पर दो चार लाख भेजा जाता है। किसान पहले से बैंक में चेक लगाए घूम रहे हैं। इस कारण जिले में गेहूं की तरह धान खरीद की स्थिति भी संतोष जनक नहीं है। जिसके परिणाम स्वरूप साढ़े तीन माह में लक्ष्य का आधा धान ही खरीदा जा सका है। धान खरीद में शुरू से ही लापरवाही की जा रही है। किसान नेता संतोष चौधरी ने कहा कि पीसीएफ खरीद केंद्रों पर खरीदे गए धान का किसानों को भुगतान नहीं किया जा रहा है। पीसीएफ के प्रबंधक राघव किशोर ने बताया कि सीएमआर का भुगतान करने की वजह से कुछ दिक्कत आ रही थी। रुपये का इंतजाम कर लिया गया हैं, सभी बैंकों के खाते में पैसा भेजा गया है। अन्य एजेंसिया भी भुगतान कर रही है।

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