रायबरेली, कार्यालय संवाददाता : जिलें में धान रोपाई का लक्ष्य 85 हजार हेक्टेयर मिला था। इसके सापेक्ष अब तक 95 प्रतिशत क्षेत्र में धान रोपाई का कृषि विभाग ने किया है । रुक-रुक हो रही वर्षा के कारण धान की सिंचाई करने की जरूरत नहीं पड़ रही है। किसानों ने अगस्त माह तक धान रोपाई की है। यद्यपि अगस्त में लगने वाले धान में उत्पादन घट जाता है।

पानी की सुविधा वाले किसानो ने 20 जुलाई के पहले धान रोपाई का कार्य पूरा कर लिया था। लेकिन मंझोले व छोटे किसानो ने बारिश के बाद धान की नर्सरी डाली थी। फिर उसके तैयार होने का इंतजार करते रहे। इसके बाद रोपाई की। 31 जुलाई तक जिले भर में अधिकांश धान रोपाई का काम समाप्त हो गया। 15 अगस्त तक भी कई किसानों ने धान लगाया है।

जिला कृषि अधिकारी एसएन पांडेय ने दावा किया कि धान रोपाई का 95 प्रतिशत रोपाई का दावा किया है। पिछले साल लगभग एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र में रोपाई हुई थी। देर लगने वाले धान की पैदावार कम हो जाती है।

बिना डीएपी के रोपा धान

धान की रोपाई के लिए किसानों ने डीएपी महंगी होने के कारण कम प्रयोग की। कुछ किसानों ने इधर उधर से महंगें दामों पर डीएपी खरीद कर खेतों में डाली। तो कई किसानों ने एनपीके डालकर ही काम चलाया। महराजगंज, सेमरौता, सिंहपुर, बछरावां, हरचंदपुर, जगतपुर , ऊंचाहार के किसान यूरिया के लिए भटक रहे हैं।

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