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50 प्रतिशत डॉक्टर और इंजीनियर पब्लिक सर्विस में क्यों आ रहे हैं? प्रश्न के माध्यम से अभ्यर्थी की सोच का आकलन बोर्ड ने किया

By Awadhesh Pandey Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Thu, 19 Mar 2026 07:02 PM (IST)

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के पीसीएस-2024 साक्षात्कार में अभ्यर्थियों से प्रशासनिक सोच, नैतिकता और समसामयिक मुद्दों पर सवाल पूछे ...और पढ़ें

उप्र लोक सेवा आयोग प्रयागराज में पीसीएस साक्षात्कार देने पहुंचे अभ्यर्थी। जागरण

उप्र लोक सेवा आयोग प्रयागराज में पीसीएस साक्षात्कार देने पहुंचे अभ्यर्थी। जागरण 

HighLights

  1. यूपी पीसीएस 2024 के साक्षात्कार में प्रशासनिक सोच, नैतिकता, समसामयिक मुद्दों पर परख

  2. साक्षात्कार बोर्ड ने अभ्यर्थी से पूछा- प्यासे कौवे की कहानी से प्रशासन को क्या सीख मिलती है?

राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में चल रहे पीसीएस-2024 साक्षात्कार में रोजमर्रा के जीवन, समसामयिक चुनौतियों और काल्पनिक परिस्थितियों से जुड़े प्रश्नों के माध्यम से अभ्यर्थियों की सोच का आकलन किया गया। इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि के अभ्यर्थी से पूछा गया कि 50 प्रतिशत डाक्टर और इंजीनियर पब्लिक सर्विस में क्यों आ रहे हैं? क्या आप लोग ह्यूमैनिटीज वालों की नौकरियां खा जाएंगे? शहरी समस्याओं और प्रशासनिक समाधान पर भी गहन चर्चा हुई। पूछा गया कि शहरी क्षेत्रों की सबसे महत्वपूर्ण समस्याएं क्या हैं और उन्हें कैसे सुधारेंगे?

योग और ध्यान में अंतर भी पूछा गया  

एक अभ्यर्थी से पर्यावरण और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर आधारित प्रश्न पूछे गए। इसमें कानपुर बहुत प्रदूषित है, अगर आप एसडीएम हैं तो इसे कैसे सुधारेंगे? बहराइच को एक आकांक्षी जिला मानते हुए सतत विकास, इकोब्लाक और सड़क किनारे प्रबंधन जैसे उपायों के जरिए सुधार की रणनीति प्रस्तुत करने को कहा गया। योग और ध्यान में अंतर, स्वास्थ्य के भावनात्मक और शारीरिक लाभ क्या हैं? जैसे प्रश्न आए।

एक पारी में 10 विकेट लेने वाला पहला क्रिकेटर कौन?

आर्थिक और नैतिक द्वंद्व से जुड़े प्रश्न अभ्यर्थियों से पूछे गए। इसमें अर्थव्यवस्था ज्यादा महत्वपूर्ण है या जीवन, क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नौकरियां खत्म कर देगा जैसे प्रश्न शामिल थे। संविधान में सिविल सेवक को हटाने का क्या प्रविधान है। एक पारी में 10 विकेट लेने वाला पहला क्रिकेटर कौन था, अनिल कुंबले की कौन सी विशेष उपलब्धि प्रेरणादायक है? जैसे प्रश्न भी पूछे गए।

सकारात्मक बदलाव लाने को कौन से दो कदम उठाएंगे?

काल्पनिक प्रशासनिक स्थितियों पर आधारित प्रश्न भी पूछे गए। उदाहरण के रूप में यदि आपके जिले में सभी अधिकारी अवैध खनन में शामिल हों और आपको कुंभ ड्यूटी में भेजा जाए तो आप क्या करेंगे? इसके साथ ही एक नैतिक विकल्प भी दिया गया कि आप एक भ्रष्ट लेकिन दक्ष तथा एक ईमानदार लेकिन अक्षम अधीनस्थ में से किसे चुनेंगे? अंत में एक सरल लेकिन सारगर्भित प्रश्न पूछा गया कि प्यासे कौवे की कहानी से प्रशासन को क्या सीख मिलती है? एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि उत्तर प्रदेश में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आप कौन से दो कदम उठाएंगे?

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