यूपी बोर्ड ने जीआइसी के प्रधानाचार्यों को अहम जिम्मेदारी दी, सुनिश्चित कराएंगे ऑनलाइन उपस्थिति
यूपी बोर्ड ने माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों, छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी जीआईसी प्रधानाचार्यों को दी है। ...और पढ़ें

यूपी के माध्यमिक विद्यालयों में जीआइसी के प्रधानाचार्य आनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित कराएंगे।
HighLights
यूपी बोर्ड ने लागू की है विद्यार्थी, शिक्षक व कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था
माध्यमिक विद्यालयों के निरीक्षण के समय देखेंगे अधिकृत पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता
राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। यूपी बोर्ड ने प्रदेश में संचालित सभी लगभग 29,000 माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाई का स्तर और सुदृढ़ करने के लिए शिक्षकों, कर्मचारियों एवं सभी छात्र-छात्राओं की उपस्थिति पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करने की व्यवस्था लागू की है। हालांकि किसी भी जिले में शत- प्रतिशत विद्यालयों में ऐसा नहीं हो रहा है।
बोर्ड सचिव के सख्त निर्देश
इसकी समीक्षा करने के बाद सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने निर्देश दिए हैं कि वह अपने-अपने जिलों में शत-प्रतिशत विद्यालयों में ऑनलाइन उपस्थिति अंकित किए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। इस क्रम में डीआइओएस के निर्देश पर राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य सभी राजकीय, एडेड एवं वित्तविहीन विद्यालयों में निरीक्षण कर ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित कराएंगे।
प्रधानाचार्याें को ये भी जिम्मेदारी मिली
बोर्ड सचिव का मानना है कि जब विद्यालय में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की उपस्थिति होगी तो कक्षाओं में नियमित पढ़ाई भी होगी। ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए जीआइसी के प्रधानाचार्य विद्यालयों में जाएंगे तो वह यह भी देखेंगे कि विद्यालयों में यूपी बोर्ड से अधिकृत प्रकाशकों के अलावा किसी अन्य प्रकाशकों की पाठ्य पुस्तकें तो नहीं पढ़ाई जा रही हैं।
अनधिकृत प्रकाशकों की पुस्तकें मिलने पर कार्रवाई होगी
बोर्ड ने विद्यालयों में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया है और एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकें तीन अधिकृत प्रकाशकों से मुद्रित कराकर सस्ते दर पर उपलब्ध कराई गई हैं। हर विद्यार्थी तक पाठ्य पुस्तक की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके, इसके लिए ऑनलाइन माध्यम से भी पुस्तकें मंगाए जाने की व्यवस्था पहली बार की गई है। ऐसे में निरीक्षण के दौरान जिन विद्यालयों में अनधिकृत प्रकाशकों की पाठ्य पुस्तकें मिलेंगी उनके विरुद्ध डीआइओएस को रिपोर्ट दिया जाना अनिवार्य होगा, ताकि कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
