विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

UP के 26 राजकीय बेसिक विद्यालय बंद, 42 संचालित स्कूलों में 39 शिक्षक नियुक्त; आकलन में चिंताजनक स्थित सामने आई

By Awadhesh Pandey Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sat, 29 Aug 2026 09:18 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में 68 राजकीय बेसिक विद्यालयों में से 26 बंद हो गए हैं, जबकि 42 संचालित स्कूलों में केवल ...और पढ़ें

यूपी के राजकीय बेसिक विद्यालयों के आकलन के बाद चिंताजनक स्थित सामने आई।

यूपी के राजकीय बेसिक विद्यालयों के आकलन के बाद चिंताजनक स्थित सामने आई।

HighLights

  1. लंबे समय से राजकीय बेसिक विद्यालयों में शिक्षक नियुक्त नहीं होने से व्यवस्था बेपटरी

  2. प्रदेश के कुल 68 विद्यालयों में से 44 शिक्षक विहीन, शिक्षक युक्त विद्यालयों की संख्या 24

अवधेश पाण्डेय, जागरण, प्रयागराज। पठन-पाठन बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रदेश में राजकीय बेसिक विद्यालय स्थापित तो किए गए, लेकिन आज स्कूल से लेकर शिक्षक व विद्यार्थियों तक को ढूंढ़ना पड़ेगा। स्थिति यह है कि कुल स्थापित 68 विद्यालयों में से 26 बंद हो गए हैं। जो 42 संचालित हैं, उसमें विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए 39 शिक्षक हैं। इस तरह यदि एक विद्यालय में एक शिक्षक का औसत माना जाए तो तीन विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं हैं। यदि किसी विद्यालय में दो शिक्षक हैं तो बिना शिक्षक वाले विद्यालय की संख्या तीन से अधिक हो जाएगी।

प्रदेश में स्थापित कुल 68 विद्यालयों में तीन बालक वर्ग, 41 बालिका वर्ग, 23 सह शिक्षा विद्यालय तथा एक विद्यालय कंपोजिट था। पिछले वर्ष इन विद्यालयों की स्थिति का आकलन शिक्षा निदेशालय ने कराया तो चिंताजनक तस्वीर सामने आई। इसमें कोई बालक विद्यालय संचालित नहीं मिला। यानी तीनों बंद हैं।

इसके अलावा बालिका वर्ग के 21 तथा सह शिक्षा के 21 विद्यालय संचालित मिले। इस तरह कुल 44 विद्यालयों में शिक्षक नहीं हैं, जबकि 24 विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती है। संचालित विद्यालयों में 243 छात्राएं एवं 1017 बालक पंजीकृत हैं। 1990 के बाद शिक्षकों की नियुक्ति इनमें नहीं होने से स्थिति धीरे-धीरे बिगड़ती गई, जिसका परिणाम यह है कि विद्यालयों के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न लग गया है कि यह संचालित ही क्यों हैं।

जिन विद्यालयों में विद्यार्थी पंजीकृत हैं, वहां शिक्षकों को संबद्ध करके काम चलाया जा रहा है। स्थिति यह है कि मऊ जिले में स्थित राजकीय बालिका सीनियर बेसिक विद्यालय में 32 छात्राएं पंजीकृत हैं, लेकिन कोई शिक्षक नहीं हैं। राजकीय कन्या सीनियर बेसिक विद्यालय नगर क्षेत्र बांदा में भी ऐसा ही है। यहां 13 बालक व आठ बालिका तो पंजीकृत हैं, लेकिन शिक्षक नियुक्त नहीं हैं।

आगरा के राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल बाह में तीन बालक और तीन बालिका को पढ़ाने के लिए एक शिक्षक नियुक्त हैं। ऐसे ही मेरठ के राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल रोहटा में पंजीकृत पांच बालिकाओं के लिए एक शिक्षक की तैनाती है। सोमवार को अपर मुख्य सचिव माध्यमिक/बेसिक शिक्षा पार्थसारथी सेन शर्मा की विभागीय समीक्षा बैठक में राजकीय बेसिक विद्यालयों की बदहाली का विषय भी उठ सकता है।