UP के 3194 स्कूलों पर मंडरा रहा बिजली हाई टेंशन लाइनों का खतरा, प्रयागराज में 17 बार लिखी चिट्ठी- हर बार सिर्फ आश्वासन
उत्तर प्रदेश के 3194 स्कूलों में हाई टेंशन लाइनें अभी भी खतरा बनी हुई हैं, जिनमें प्रयागराज के 258 स्कूल ...और पढ़ें

प्रयागराज में मांडा स्थित प्राथमिक विद्यालय भारतगंज प्रथम के ऊपर से गुजरा बिजली का हाईटेंशन तार। जागरण
HighLights
प्रदेश के 3194 स्कूलों के विद्यार्थियों पर मंडरा रहा खतरा
प्रयागराज के स्कूलों से तार हटवाने को जमा है तीन करोड़
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। प्रदेशभर के स्कूलों को विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित बनाने की हिदायत दी गई है, फिर भी 3194 विद्यालयों पर हाई टेंशन लाइन लटक रही है। हालांकि पूर्व में यह संख्या 9151 थी। 2023 से लेकर अब तक मात्र 5957 स्कूलों से ही इस खतरे को हटाया गया है। इसके लिए विभाग ने बिजली विभाग को बजट बनाकर आवश्यक शुल्क आदि का भुगतान भी कर रखा है।
प्रयागराज में 286 स्कूल ऐसे चिह्नित थे जिनपर हाईटेंशन लाइन है। इनमें से अब तक सिर्फ 28 ही हटाई गई है। 258 स्कूल के बच्चों पर अब भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। कहीं हाईटेंशन लाइन है तो कहीं परिसर में ट्रांसफार्मर रखे हैं। संगम नगरी में बेसिक शिक्षा विभाग ने बिजली विभाग को पिछले मार्च में दो करोड़ 22 लाख रुपये जमा किए जिससे स्कूल परिसर से तार या ट्रांसफार्मर जैसे खतरनाक उपकरण हटवाए जा सकें।

वर्ष 2023 में भी कुछ स्कूलों में बिजली के कनेक्शन कराने और तारों को हटवाने के लिए भी शुल्क जमा किया गया था। अब तक इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई। बेसिक शिक्षा विभाग का कहना है कि करीब पांच करोड़ रुपये बिजली विभाग को दे चुके हैं लेकिन कार्य पूरा नहीं हुआ। इसे लेकर विभाग की ओर से कुल 17 पत्र लिखे गए।

जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में होने वाली शिक्षा विभाग की बैठक में भी यह मुद्दा हर बार उठता है। चेतावनी दी जाती है। समय सीमा तय की जाती है लेकिन कार्य पूरा नहीं हुआ न इसे लेकर अब तक किसी पर कोई कार्रवाई की गई। बैठकों में बिजली विभाग के अफसर हो जाएगा...,हो रहा है...,प्रक्रिया चल रही है... जल्दी काम पूरा हो जाएगा जैसे रटे रटाए वाक्य बोलकर कोरम पूरा कर लिया जाता है।
बीएसए अनिल कुमार का कहना है कि कई स्कूलों में कनेक्शन न होने से बच्चों और शिक्षकों को गर्मी में कठिनाई होती है। स्मार्ट क्लास का संचालन नहीं हो पाता है। हाई टेंशन लाइन या ट्रांसफार्मर आदि स्कूल परिसर में होने से बच्चों पर भी खतरा मंडराता रहता है। उधर, बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता सौरभ गौतम का कहना है कि करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है जल्द ही सभी तारों व ट्रांसफार्मर आदि को हटवा दिया जाएगा।
इसी क्रम में देखा जाए तो आगरा में 51, अलीगढ़ में 24, आजमगढ़ में 115, बस्ती में 219, फतेहपुर में 111, गाजीपुर में 166, जौनपुर में 258 स्कूलों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। झांसी में 118, यहां तक कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी 27 ऐसे स्कूल हैं जिनपर हाईटेंशन लाइन का संकट है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र के जिले वाराणसी में 71, चित्रकूट में 88, भदोही में 64 स्कूलों से हाईटेंशन लाइन गुजरी है।
