अब रेलवे कर्मचारी नहीं कर सकेंगे सीयूजी नंबर का निजी इस्तेमाल, संबंधित विभागों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी
रेलवे ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को आवंटित सीयूजी मोबाइल नंबरों के निजी उपयोग पर रोक लगा दी है। कर्मचारियों ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
सीयूजी नंबरों का निजी उपयोग अब प्रतिबंधित।
बैंक, यूपीआई, सोशल मीडिया से तुरंत हटाएँ।
साइबर सुरक्षा और डेटा गोपनीयता हेतु आवश्यक।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। रेलवे ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को आवंटित किए जाने वाले सीयूजी (क्लोज्ड यूजर ग्रुप) मोबाइल नंबरों के इस्तेमाल के निजी उपयोग पर रोक लगा दी है। कर्मचारी अब इस नंबर का इस्तेमाल अपने निजी और वित्तीय कार्यों के लिए नहीं कर सकेंगे।
जिन कर्मचारियों ने इस नंबर को बैंक, यूपीआई या अन्य निजी सेवाओं से जोड़ रखा है, उन्हें इसे तुरंत हटाने और अपना व्यक्तिगत नंबर अपडेट करने को कहा गया है।
वरिष्ठ मंडल संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर कार्यालय की ओर से 14 अगस्त को इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी कर सभी संबंधित विभागों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं। अब बैंक अकाउंट, यूपीआई एप, क्रेडिट कार्ड या किसी भी वित्तीय सेवा में सीयूजी नंबर दर्ज नहीं रहेगा।
फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) या पर्सनल जीमेल/ईमेल आईडी में यह नंबर नहीं जुड़ेगा। व्यक्तिगत यात्रा के लिए ट्रेन, फ्लाइट या बस टिकट बुक करने वाले निजी पोर्टल पर इसका उपयोग नहीं होगा। परिवार के सदस्यों या बच्चों के एडमिशन और स्कूल-कालेज के फॉर्म में इस नंबर को देने पर रोक लगा दी गई है।
इसके अलावा अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसी ई-कामर्स साइटों पर लागिन, सब्सक्रिप्शन और किसी भी निजी पासवर्ड रिकवरी या ओटीपी के लिए यह नंबर इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
मंडल संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर (दूरसंचार) सूरज बर्डे ने बताया कि सीयूजी कनेक्शन प्रशासनिक या परिचालन कारणों, कर्मचारियों के तबादले या सेवानिवृत्ति पर कभी भी बदले, सरेंडर या निष्क्रिय किए जा सकते हैं।
ऐसी स्थिति में नंबर बंद होने या किसी अन्य कर्मचारी को अलाट होने पर निजी अकाउंट का एक्सेस खोने और ओटीपी के गलत हाथों में जाने का गंभीर साइबर खतरा बना रहता है। इससे वित्तीय धोखाधड़ी की आशंका भी बढ़ जाती है।
सीयूजी नंबर रेलवे प्रशासन की आधिकारिक संपत्ति हैं। रेलवे की साइबर सुरक्षा (साइबर हाइजीन) और सूचनाओं की गोपनीयता बनाए रखने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है।
