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इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई कर वहीं बनी प्रोफेसर, पहली महिला कुलपति का जिम्मा संभाल रहीं संगीता श्रीवास्तव

Published: Fri, 25 Sep 2026 09:21 PM (IST)

प्रो. संगीता श्रीवास्तव को इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति के रूप में दूसरे कार्यकाल के लिए पुनः नियुक्त किया गया है।

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HighLights

  1. प्रो. संगीता श्रीवास्तव इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति पुनः नियुक्त।

  2. पहले कार्यकाल में NAAC A+ ग्रेड और NEP लागू किया।

  3. विश्वविद्यालय को उत्कृष्टता केंद्र बनाने का लक्ष्य जारी।

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इवि) और प्रो. संगीता श्रीवास्तव का संबंध केवल कुलपति के पद तक सीमित नहीं है। उन्होंने इसी विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की, यहीं से अपने अकादमिक जीवन की शुरुआत की और होम साइंस विभाग में शिक्षिका के रूप में सेवाएं दीं। प्रो. संगीता को अब दूसरे कार्यकाल के लिए कुलपति नियुक्त किया गया है। इस कार्यकाल में विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की चुनौती होगी।

प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने 30 नवंबर 2020 को इलाहाबाद विश्वविद्यालय की पहली महिला कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया था। उनका पांच वर्षीय कार्यकाल 29 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा था, लेकिन शिक्षा मंत्रालय ने उन्हें नए कुलपति की नियुक्ति तक पद पर बने रहने की अनुमति दी थी। अब पुनर्नियुक्ति के साथ वह अगले पांच वर्षों तक विश्वविद्यालय की कमान संभालेंगी।

पहले कार्यकाल की उपलब्धियों में विश्वविद्यालय को नैक का ए-प्लस ग्रेड, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम, करीब 400 शिक्षकों की नियुक्ति और 280 से अधिक शिक्षकों को पदोन्नति शामिल हैं। 636 गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति भी हुई।

खेल सुविधाएं बढ़ाई, गौरवशाली विरासत को सहेजा

पांच नए खेल मैदान तैयार किए गए और दो खेल प्रांगणों का जीर्णोद्धार कराया गया। विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास को संरक्षित करने के लिए एलुमनाई एसोसिएशन का गठन किया गया। 256 गौरवशाली पूर्व छात्रों के नाम स्वर्ण पट्ट पर अंकित कर विजयनगरम परिसर में रोल आफ आनर बोर्ड स्थापित किया गया।

उत्कृष्टता की ओर बढ़ना है: कुलपति

पुनर्नियुक्ति के बाद प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने इसे विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस का सुखद उपहार बताया और कहा कि वह संस्थान और समाज की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं। विश्वविद्यालय को शिक्षा के सभी क्षेत्रों में उत्कृष्टता का केंद्र बनाने के प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।

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