प्रयागराज में यमुना का जलस्तर 4 घंटे में 28 सेंमी बढ़ा, छोड़ा गया 2.70 लाख क्यूसेक पानी अगले कुछ दिनों में करेगा वृद्धि
प्रयागराज में यमुना नदी का जलस्तर चार घंटे में 28 सेमी बढ़ गया है, जिससे निचले इलाकों में चिंता बढ़ ...और पढ़ें

प्रयागराज संगम क्षेत्र में गंगा-यमुना का जलस्तर। जागरण
HighLights
केन और बेतवा के साथ टोंस भी बढ़ रहीं, गंगा की रफ्तार अभी धीमी
मैदहा, लहचूरा व माता टीला बांध से छोड़ा गया है 2.70 लाख क्यूसेक पानी
हमीरपुर, झांसी और महाेबा के पानी ने प्रयागराज की तराई में मचाई हलचल
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। हमीरपुर, झांसी और महोबा स्थित बांधों से लगभग 2.70 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसकी वजह से आने वाले चार से पांच दिनों में यमुना का जलस्तर और बढ़ सकता है। अभी चार घंटे में 28 सेमी तक पानी बढ़ चुका है।
पिछले कुछ दिन राहत देने के बाद नदियों के जलस्तर ने एक बार फिर से तेजी पकड़नी शुरू कर दी है। सबसे अधिक जल प्रवाह यमुना में बढ़ा है। चार घंटे के अंदर 28 सेंटीमीटर तक जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। केन, बेतवा और टोंस भी उफान पर है। गनीमत यह है कि गंगा की रफ्तार कुछ धीमी है।

गंगा और यमुना की बाढ़ के पानी ने तराई के इलाके में लोगों की चिंता बढ़ा रखी थी। कई इलाकों में पानी आबादी तक पहुंच गया था। जलस्तर घटने से शहर सहित तटीय इलाकों के गांवों में भी लोगों ने राहत की सांस महसूस की थी। अब पानी फिर से बढ़ने लगा है।

सबसे ज्यादा चिंता यमुना का जलस्तर बढ़ा रहा है। स्थिति यह है कि शुक्रवार दोपहर चार घंटे के अंदर ही यमुना में करीब 28 सेंटीमीटर पानी एकाएक बढ़ गया। गुरुवार की रात आठ बजे यमुना का जलस्तर 79.50 मीटर था। जबकि, गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 80.48 तो छतनाग में 79.07 मीटर था। शुक्रवार की रात आठ बजे यमुना का जलस्तर 80.11 मीटर पहुंच गया। जबकि, गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 80.56 और छतनाग में 79.42 मीटर दर्ज किया गया।

बाढ़ कंट्रोल रूम के आंकड़े बताते हैं कि यमुना प्रति घंटे चार सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहीं हैं तो छतनाग में गंगा के जलस्तर ने 2.50 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ रखी है। वहीं फाफामऊ में यह एक सेंटीमीटर से नीचे हैं। बीते 24 घंटे के अंदर बेतवा में करीब तीन मीटर जलस्तर चढ़ गया। जबकि, केन में भी 25 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई।
यही नहीं हमीरपुर में विरमा नदी पर बने मैदहा बांध, ललितपुर में बेतवा पर बने माता टीला बांध और महोबा में झांसी की सीमा पर स्थित लहचूरा बांध से दो चरणों में करीब 2.70 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। सबसे पहले लगभग 1.60 लाख क्यूसेक पानी सुबह तो लगभग 1.10 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसका सीधा प्रभाव यमुना पर पड़ेगा। अभी चार से पांच दिन यमुना में पानी घटने की उम्मीद कम दिख रही है।
बाढ़ में गंगापथ पर गंगा में समाया ट्रक
शुक्रवार को छोटा बघाड़ा के समीप गंगापथ पर बाढ़ के पानी में ट्रक में डूब गया। बताया जाता है कि पानी कम था तो चालक ने वहां ट्रक खड़ा कर दिया था। बाद में गंगा में पानी बढ़ा तो ट्रक इसमें डूब गया।
बजरंग बली के महास्नान की उम्मीद
शहर में संगम नोज, नागवासुकि, दारागंज, सलोरी सहित अन्य इलाकों में पानी फिर से आबादी की तरफ बढ़ने लगा है। वहीं यमुनापार से होकर गुजरी टोंस नदी में भी पानी तेजी से बढ़ रहा है। विभागीय जानकारों का कहना है कि मेजा, मांडा, घूरपुर सहित अन्य इलाकों में हो रही बारिश का असर है। टोंस में पानी बढ़ने का असर संगम में दिखता है। इसी के साथ संगम स्थित लेटे हनुमान जी के महास्नान की उम्मीद भी भक्तों में जाग उठी है।
