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VIDEO : संगम स्नान को जा रहे अविमुक्तेश्वरानंद की शोभा यात्रा पुलिस ने रोकी, झड़प के बाद शिष्य हिरासत में, धरने पर बैठे स्वामी

By Sharad Dwivedi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sun, 18 Jan 2026 12:55 PM (IST)Updated: Sun, 18 Jan 2026 09:48 PM (IST)

प्रयागराज में मौनी अमावस्या के अवसर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की संगम स्नान के लिए निकली शोभा यात्रा को पुलिस ने ...और पढ़ें

HighLights

  1. नाराज शिष्यों ने बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस पर पिटाई का आरोप

  2. मेला प्रशासन के खिलाफ रात तक धरने पर बैठे रहे अविमुक्तेश्वरानंद

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। मौनी अमावस्या पर प्रयागराज संगम क्षेत्र में उस समय हंगामा हो गया जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की शोभायात्रा को पुलिस ने रोक दिया। इसे लेकर उनके शिष्य आक्रोशित हो गए और पुलिस से झड़प कर ली। पहले तो पुलिस ने समझाया लेकिन नहीं माने तो सख्ती की।

पुलिस की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध होकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती त्रिवेणी मार्ग स्थित अपने शिविर के गेट के सामने धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि जब तक पुलिस-प्रशासन ससम्मन प्रोटोकाल के साथ उन्हें नहीं ले जाएगा, तब तक गंगा स्नान नहीं करेंगे।

Saint Protest in Prayagraj Magh Mela

मौनी अमावस्या पर पालकी से शोभायात्रा निकालने पर जगदगुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को पुलिस ने रोका तो विवाद हो गया। उनके शिष्यों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। गुस्साए शिष्यों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। पुलिस ने उनके शिष्य प्रतक्षचैतन्य मुकुंदानंद गिरि सहित कई लोगों को हिरासत में ले लिया।

अविमुक्तेश्वरानंद को भी वहां से हटा दिया गया। इसके बाद वह अपने त्रिवेणी मार्ग स्थित शिविर के बाहर बिना कुछ खाए-पीये धरने पर बैठ गए। शिष्यों ने पुलिस पर दुर्व्यवहार और पिटाई करने का आरोप लगाया है। घटना के कुछ वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ है जिसमें पुलिसकर्मी बटुकों को पीटने के साथ उनकी चोटी खींचता दिखाई दे रहा है। संतों से पुलिस वाले अभद्रता से बातचीत भी कर रहे हैं।

मौनी अमावस्या का मुख्य स्नान पर करोड़ों श्रद्धालु मेला क्षेत्र पहुंच गए। अधिक भीड़ होने के कारण संतों की शोभा यात्रा पर रोक लगाई गई थी। वहीं, रविवार सुबह अपने शिविर से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पालकी पर सवार होकर शोभायात्रा के स्वरूप में स्नान करने निकले। संगम पहुंचने से पहले पुलिस ने उनकी शोभायात्रा रोक दी। कहा कि आगे वह पैदल चलकर स्नान करने जाएं। इस पर उनके शिष्य नाराज हो गए।

पुलिस से झड़प और धक्कामुक्की शुरू हो गई। आरोप है कि शिष्यों ने पांटून पुल नंबर दो के पास लगी बैरिकेडिंग तोड़ दी। पुलिस ने तमाम शिष्यों को पकड़ संगम थाना भिजवा दिया। धक्कामुक्की होने पर अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी का छत्र-चंवर टूटकर गिर गया। अधिकारियों ने व्यवस्था के अनुरूप स्नान करने के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से कहा, लेकिन वह तैयार नहीं हुए। इस पर उन्हें भी वहां से हटाकर दूसरी जगह ले गए। इसके बाद वह अपने शिविर के बाहर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि संतों के साथ पुलिस-प्रशासन ने अभद्रता की है, उन्हें पीटा गया है।

पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार का कहना है कि स्वामी जी रथ और पालकी से संगम जा रहे थे। साथ में दो सौ से अधिक लोग थे। पुलिस ने रोका तो वापसी मार्ग पर चले गए, जिससे तीन घंटे तक अव्यवस्था बनी रही। उस समय भारी भीड़ थी। कल्पवासी, संत, साधु के प्रति हमारी श्रद्धा है। रथ, पालकी की परंपरा नहीं थी। कई बार निवेदन करने के बाद भी नहीं माने। बैरियर तोड़ने, पुलिस से धक्कामुक्की के मामले में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
-जोगेंद्र कुमार, पुलिस आयुक्त

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