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खाली प्लाट पर दिखाया तीन मंजिला भवन, 53 हजार का गृहकर थोपा; प्रयागराज शहर में 7000 मामलों में गड़बड़ी की आशंका

By Birendra Dwivedi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sat, 24 Oct 2026 05:11 PM (IST)

प्रयागराज नगर निगम में गृहकर निर्धारण में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है, जहां खाली प्लाट पर तीन मंजिला भवन दिखाकर ...और पढ़ें

प्रयागराज नगर निगम।

प्रयागराज नगर निगम।

HighLights

  1. नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने संबंधित सर्वेयर को नोटिस दी

  2. आउटसोर्सिंग सर्वेयर की मनमानी से गृहकर निर्धारण पर उठने लगे हैं सवाल

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। नगर निगम में गृहकर निर्धारण के नाम पर मनमानी का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सर्वेक्षण की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। झूंसी में खाली भूखंड को कागजों पर तीन मंजिला भवन बना दिया गया और उसका वार्षिक मूल्यांकन 53,126 रुपये कर दिया गया। भूखंड स्वामी अभय किशन ने इसका विरोध किया, लेकिन शुरुआत में सुनवाई नहीं हुई।

मामला मुख्य कर निर्धारण अधिकारी संजय ममगई तक पहुंचा तो नए सिरे से कर निर्धारण की प्रक्रिया शुरू की गई और संबंधित सर्वेयर अभिषेक तिवारी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया। बताया जा रहा है कि आउट सोर्सिंग कर्मचारियों की ओर से गृहकर के निर्धारण में सात से आठ हजार मामलों में गड़बड़ी की बात चर्चा में आ रही है।

गोहरी में राम प्रकाश पटेल के मकान को दो मंजिला दिखाने के साथ व्यावसायिक श्रेणी में दर्ज किया गया। इसी तरह झूंसी में राम प्रकाश और राधे श्याम तिवारी के साथ नैनी में महेश प्रताप सिंह तथा सुनील कुमार के खाली भूखंडों को दो मंजिला मकान दर्शा दिया गया। इन भूखंडों का वार्षिक मूल्यांकन करीब 40 हजार रुपये तक कर दिया गया।

ऐसे मामलों में वास्तविक स्थिति का सत्यापन किए बिना कर निर्धारण किए जाने के आरोप लग रहे हैं। गृहकर निर्धारण में हुई इस तरह की गड़बड़ियों से उन भवन स्वामियों की परेशानी बढ़ गई है, जिन्हें अपने ही भूखंड या मकान की वास्तविक स्थिति साबित करने के लिए नगर निगम के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

मुख्य कर निर्धारण अधिकारी संजय ममगई ने बताया कि इस तरह के मामले संज्ञान में आए हैं। झूंसी के सर्वेयर अभिषेक तिवारी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा। झूंसी वाले प्रकरण में गृहकर में संशोधन भी किया जा चुका है।