प्रयागराज में अगले 3-4 दिनों तक सक्रिय रहेगा मानसून, घने बादल छाए रहेंगे; बारिश का जारी रहेगा क्रम
प्रयागराज में मानसून अगले 3-4 दिनों तक सक्रिय रहेगा, जिससे घने बादल छाए रहेंगे और बारिश का क्रम जारी रहेगा। ...और पढ़ें

मौसम विभाग ने प्रयागराज में मानसून के कुछ दिन सक्रिय रहने का पूर्वानुमान लगाया यहै।
HighLights
7 अगस्त की रात से सुबह तक हुई झमाझम बारिश
दोपहर में कुछ देर के लिए खुला आसमान, बढ़ी उमस
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। सावन में मानसून एक बार फिर प्रयागराज पर मेहरबान है। 7 अगस्त की रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला सुबह तक जारी रहा। सुबह के समय कुछ देर झमाझम बारिश हुई, जिसके बाद रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। लगातार बादल छाए रहने से मौसम सुहाना हो गया और लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली। हालांकि आज दोपहर में कुछ देर धूप निकलने से उमस बढ़ गई। मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार अगले तीन-चार दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
पिछले 24 घंटे में प्रयागराज में 26.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सुबह के समय वातावरण में नमी का स्तर भी काफी अधिक रहा। सुबह आसमान में घने बादल छाए रहने और बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश और बादलों के कारण 8 अगस्त को अधिकतम तापमान सामान्य दिनों की तुलना में काफी नियंत्रित रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने 8 अगस्त को अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है। हालांकि बादलों के बीच बारिश का एक-दो दौर आने पर तापमान इससे भी नीचे जा सकता है। 9 और 10 अगस्त को मौसम सुहाना रहने की संभावना है। दोनों दिनों में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है। इस दौरान आसमान में सामान्यतः बादल छाए रहेंगे और एक-दो दौर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार तापमान 31 डिग्री के आसपास रहने के साथ बारिश या गरज-चमक के एक-दो दौर आने की संभावना है। 11 से 14 अगस्त के बीच भी आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं। इस अवधि में अधिकतम तापमान धीरे-धीरे बढ़कर 34 से 36 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है।
फिलहाल मानसून सक्रिय है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर बादलों के बनने के साथ कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। हालांकि बारिश के बीच तापमान कम रहने से लोगों को गर्मी से राहत मिलती रहेगी।
