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सवारी बैठाने के लिए बीच सड़क चालक ने रोका ऑटो वाहन, पीछे से डंपर ने मारी टक्कर; एक युवक की मौत व 6 घायल

By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sat, 16 May 2026 01:12 PM (IST)

प्रयागराज-मीरजापुर हाईवे पर करछना के भीरपुर में एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई और छह ...और पढ़ें

प्रयागराज-मीरजापुर हाईवे पर सड़क हादसे में मरने वाले रितेश कुमार की फाइल फोटो।

प्रयागराज-मीरजापुर हाईवे पर सड़क हादसे में मरने वाले रितेश कुमार की फाइल फोटो।

HighLights

  1. प्रयागराज-मीरजापुर हाईवे पर यमुनापार में करछना के भीरपुर में हुई दुर्घटना

  2. नो एंट्री में ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर उठे सवाल, लोगों में आक्रोश

संसू, जागरण, करछना (प्रयागराज)। प्रयागराज-मीरजापुर हाईवे पर दर्दनाक हादसे में एक युवक की मौत व आधा दर्जन लोग घायल हो गए। इस हादसे में जहां ऑटो वाहन चालक की लापरवाही सामने आई वहीं नो एंट्री में ओवरलोड वाहन के खुलेआम दौड़ना रहा, जिसे जिम्मेदारों ने कैसे जाने दिया, व्यवस्था पर सवाल उठाता है।

भीरपुर चौकी क्षेत्र में दुर्घटना 

यमुनापार के करछना थाना क्षेत्र के भीरपुर चौकी अंतर्गत प्रयागराज-मीरजापुर हाईवे पर शुक्रवार शाम सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के बाद एक बार फिर नो एंट्री के बावजूद हाईवे पर दौड़ रहे ओवरलोड डंपरों और जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

मेजा की ओर जा रहा था ऑटो वाहन 

मर्दापुर गंधियाव के पास शुक्रवार शाम शहर से सवारी भरकर एक ऑटो वाहन (अप्पे) मेजा क्षेत्र की ओर जा रहा था। बताया गया है कि चालक ने बीच सड़क पर सवारी बैठाने के लिए वाहन रोक दिया। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार आ रहे डंपर ने ऑटो वाहन में टक्कर मारा।

जीजा की मौत, साला गंभीर रूप से जख्मी

हादसे में ऑटो वाहन में बैठी सात सवारियां घायल हो गईं। घायलों में कटका गांव निवासी 28 वर्षीय रितेश कुमार पुत्र मिश्रीलाल तथा उसका साला देहली भगेसर निवासी आकाश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां रितेश की हालत नाजुक देख चिकित्सकों ने शहर रेफर कर दिया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

सूरत में मजदूरी करता था रितेश

जानकारी होने पर बिलखते परिवार के लोग भी वहां पहुंचे। उन्होंने बताया कि रितेश अपने साले आकाश के साथ नैनी इलाज कराने गया था। वह सूरत में मजदूरी करता था। कुछ दिन पहले ही घर आया था। पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर रितेश के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी अंजलि और तीन वर्षीय बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है।

नो एंट्री सिर्फ कागजों में, मौत बनकर दौड़ रहे डंपर

क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि भीरपुर चौकी क्षेत्र में भारी वाहनों के प्रवेश पर नो एंट्री लागू है। इसके बावजूद सेटिंग के सहारे ओवरलोड डंपरों को बेरोकटोक छोड़ा जा रहा है। बीते कुछ महीनों में आधा दर्जन से अधिक लोग डंपर हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग और पुलिस प्रशासन ठोस कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। इससे लोगों में आक्रोश है। 

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