प्रयागराज में बाढ़ का खतरा टला, गंगा-यमुना संग टोंस और बेलन की भी धीमी हुई रफ्तार, 4 घंटे में 8-8 सेंमी घटा नैनी व छतनाग में पानी
प्रयागराज में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत की खबर है, क्योंकि गंगा, यमुना, बेलन और टोंस नदियों का जलस्तर ...और पढ़ें

प्रयागराज संगम पर गंगा-यमुना में कम होने लगा है पानी। जागरण
HighLights
नदी तटीय बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों के लिए राहत की खबर
कुछ दिनों से नदियों का जलस्तर कभी घट रहा था तो कभी बढ़ रहा
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। जनपद में बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए राहत भरी खबर है। नदियों का जलस्तर अब नीचे की ओर से खिसकने लगा है। गंगा और यमुना के साथ बेलन व टोंस का पानी कम होने लगा है। फिलहाल शुक्रवार से चारों नदियों का जलस्तर घटता हुआ ही नजर आ रहा है।
शहर की कई बस्तियों अलावा गंगापार और यमुनापार इलाके के सैकड़ों गांव बाढ़ के दायरे में आ गए थे। बीते कुछ दिनों से नदियों में जलस्तर कभी घट रहा था तो कभी बढ़ रहा था। शुक्रवार की शाम से नदियों के जलस्तर में गिरावट आने लगी।
गंगा का जलस्तर 11 सितंबर की शाम चार बजे फाफामऊ में 82.03 और छतनाग में 80.85 था। वहीं यमुना का नैनी में जलस्तर 81.33 मीटर था। रात आठ बजे यमुना का जलस्तर आठ सेंटीमीटर घटकर 81.25 मीटर पर आ गया। वहीं गंगा का जलस्तर फाफामऊ में दो सेंटीमीटर घटकर 82.01 मीटर पर पहुंच गया।
छतनाग में आठ सेंटीमीटर की कमी के साथ 80.77 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया। वहीं सुबह आठ बजे टोंस का जलस्तर 80.44 मीटर और बेलन का 97.90 मीटर था। शाम चार बजे टोंस 80.38 और बेलन 97.52 मीटर पर आ गई हैं।
